दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने युवा मोर्चा द्वारा निकाले गए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य देने का दावा कर सत्ता में आई अरविंद केजरीवाल सरकार लोगों को नशा बांटने का काम शुरू कर चुकी है।
आबकारी नीति में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में विपक्ष सरकार को लंबे समय तक घेरने की रणनीति बना रहा है। भाजपा अब भी सड़कों पर जगह-जगह प्रदर्शन कर इस मामले पर जनता को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है और उसके नेता सरकार पर आक्रामक रूख अपनाए हुए हैं। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि सरकार ने दिल्ली विधानसभा का एक दिन का सत्र बर्बाद कर दिया। कांग्रेस ने मांग की है कि दिल्ली सरकार को दोबारा सत्र बुलाकर आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार पर चर्चा करनी चाहिए।
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दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने युवा मोर्चा द्वारा निकाले गए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य देने का दावा कर सत्ता में आई अरविंद केजरीवाल सरकार लोगों को नशा बांटने का काम शुरू कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को धोखे में रखकर स्वयं आबकारी नीति के माध्यम से लगातार भ्रष्टाचार करने की योजना बना चुकी थी। लेकिन जागरूक जनता के कारण यह भ्रष्टाचार लोगों के सामने आ गया। हर गली में शराब की दुकानें खोलने से नाराज लोगों ने सरकार का विरोध किया और अंततः सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
बीजेपी युवा मोर्चा उपाध्यक्ष अनुराग सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में नए विश्वविद्यालय, कॉलेज और अस्पताल देने का वादा किया था। लेकिन अब तक वे एक भी नया कॉलेज-अस्पताल नहीं खोल पाए। जबकि उन्होंने शराब पीने की उम्र घटाकर और हर गली में शराब की दुकानें खोलकर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केवल आबकारी नीति वापस लेने से दिल्ली का युवा संतुष्ट होने वाला नहीं है। इसकी साजिश रचने वाले मनीष सिसोदिया को जेल जाना पड़ेगा और केजरीवाल को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना पड़ेगा।
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नया सत्र बुलाए सरकार- अनिल चौधरी
दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि सरकार ने एक दिन का सत्र बुलाया था। लेकिन इसमें केवल अपनी पीठ को ठोकने का काम किया गया। सरकार ने अपने ही लोगों को ईमानदारी का सर्टिफिकेट बांटकर स्वयं को सही साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार यदि भ्रष्टाचार के मामले में गंभीर है तो उसे दोबारा दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और इसमें आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार पर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब इस मामले में कुछ अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है तब यह देखना हैरानी पैदा करता है कि वे लोग अब भी सुरक्षित बचे हुए हैं जिनके इशारे पर यह पूरी साजिश रची गई थी। चौधरी ने आबकारी नीति की साजिश रचने वाले लोगों को जल्द से जल्द जेल भेजने की मांग की।