शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछार करने को विपक्षी पार्टियों ने गलत बताया है। कांग्रेस ने किसानों के दिल्ली चलो मार्च का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कृषकों की आवाज सुनने के बजाय उन पर सर्दियों में पानी की बौछार और लाठियां मार रही है जो उसके तानाशाही होने का प्रमाण है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने किसानों पर पानी की बौछार मारे जाने का एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया कि किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून का विरोध कर रहे किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर ठंड में पानी की बौछार मारती है। किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि आखिर ‘दिल्ली दरबार’ के लिए किसान कब से खतरा हो गए? सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भीषण ठंड के बीच अपनी जायज मांगों को लेकर गांधीवादी तरीके से दिल्ली आ रहे किसानों को जबरन रोकना और पानी की तेज बौछार मारना मोदी-खट्टर सरकार की तानाशाही का जीवंत प्रमाण है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि आज देश का मजदूर हड़ताल पर है, बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं, अन्नदाता किसान हड़ताल पर है, बेरोजगार युवा हड़ताल पर है, पर..क्या मोदी सरकार को देशवासियों की परवाह है? क्या ये राष्ट्रसेवा है या राष्ट्र हितों का विरोध? देश फैसला करे!
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि किसानों को रोकना और उन पर पानी की बौछार करना बिल्कुल गलत है। विरोध प्रदर्शन के तहत किसानों ने बुधवार को अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर के साथ पंजाब से दिल्ली की ओर कूच किया जिसे रोकने के लिए हरियाणा में सीमा पर अवरोधक लगाए गए।
उन्होंने ट्वीट किया कि केंद्र सरकार के तीनों खेती बिल किसान विरोधी हैं। ये बिल वापिस लेने की बजाय किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, उन पर पानी की बौछार की जा रही है। किसानों पर ये जुल्म बिल्कुल गलत है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है।
हरियाणा सरकार ने बृहस्पतिवार को पंजाब से लगती अपनी सीमा को पूरी तरह सील कर दिया। राज्य की दिल्ली से लगती सीमा पर भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। हरियाणा की भाजपा सरकार ने पंजाब जाने वाली बस सेवा निलंबित कर दी है।