विपक्ष ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर अहम मांग की। पत्र में कहा गया कि इन विधेयक को जल्दबाजी में पास न किया जाए, बल्कि संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाए।
बुधवार को लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। जहां विपक्षी दलों ने कई सारे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार का घेराव किया। साथ ही लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर एक अहम मांग उठाई। ओम बिरला को लिखे पत्र में विपक्षी पार्टियों ने कहा कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 को तुरंत पास करने की बजाय संसद की एक संयुक्त समिति को भेजा जाना चाहिए। ताकि इन दोनों महत्वपूर्ण बिलों की अच्छी तरह से जांच और चर्चा हो सके।
बिल पर सभी राजनीतिक दलों की की राय जरूरी- विपक्ष
साथ ही पत्र में लिखा गया है कि यदि ये बिल बिना अच्छी जांच के पास हो गए तो इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए इन बिलों को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजकर विस्तार से विचार किया जाना चाहिए। इस तरह बिलों की धारा-दर-धारा समीक्षा होगी और इसमें सुधार भी किया जा सकेगा।
किन-किन विपक्षी दलों ने किए हस्ताक्षर
बता दें कि इस पत्र पर कांग्रेस, एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना (यूबीटी), आरएसपी, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल जैसे कई विपक्षी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि दूसरी ओर सरकार ने विपक्षी दलों को चेतावनी भी दी कि अगर विपक्ष सदन में हंगामा करता रहा और कामकाज में बाधा पहुंचाई तो वे शोर-शराबे के बीच विधायी कामकाज पूरा करने के लिए मजबूर होंगे।