सम्मेलन को कई विपक्षी नेता संबोधित करेंगे। सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्टालिन जैसे कुछ दिग्गज लोग वर्चुअल रूप से सभा को संबोधित करेंगे। इस को 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन के नेतृत्व में विपक्ष के शीर्ष नेता सोमवार को दिल्ली में सामाजिक न्याय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं। ऑल इंडिया फेडरेशन फॉर सोशल जस्टिस 'सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाना और सामाजिक न्याय आंदोलन के लिए संयुक्त राष्ट्रीय कार्यक्रम' विषय पर अपना पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
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सम्मेलन को कई विपक्षी नेता संबोधित करेंगे। सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्टालिन जैसे कुछ दिग्गज लोग वर्चुअल रूप से सभा को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन को 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शामिल होंगे।
इसके अलावा सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के छगन भुजबल, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी मुहम्मद बशीर, भारत राष्ट्र समिति के केशव राव और एमडीएमके नेता वाइको शामिल होंगे।
स्टालिन के इर्द-गिर्द लामबंद होकर विपक्ष को एकजुट करने का द्रमुक का यह दूसरा प्रयास है। कांग्रेस मल्लिकार्जुन खरगे, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला उन लोगों में शामिल थे जो हाल ही में द्रमुक प्रमुख के 70वें जन्मदिन समारोह का हिस्सा थे। सूत्रों ने बताया कि स्टालिन चेन्नई से 20-25 मिनट के लिए डिजिटल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करेंगे जबकि अन्य को बोलने के लिए करीब सात मिनट का समय मिलेगा।