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Parliament: 'महिला सांसदों के खिलाफ लोकसभा स्पीकर का बयान अपमानजनक', विपक्षी नेताओं ने ओम बिरला को लिखा पत्र

Mon, 09 Feb 2026 01:29 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद में बरकरार गतिरोध के बीच बीते सप्ताह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हंगामा, नारेबाजी और वेल में घुसकर प्रदर्शन करने वाले सांसदों के आचरण पर तल्ख टिप्पणी की थी। महिला सांसदों के बर्ताव पर बिफरे ओम बिरला ने नाराजगी प्रकट की थी। अब इस मामले में विपक्षी दलों की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखा है। जानिए पूरा मामला
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ओम बिरला और कांग्रेस सांसद ज्योतिमनी - फोटो : पीटीआई/एएनआई
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विस्तार
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कांग्रेस की कुछ महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि महिला सांसदों के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं और विपक्ष के संसदीय अधिकारों को नकारा जा रहा है। सांसदों ने पत्र में लिखा कि उन्होंने सांविधानिक तरीके से प्रधानमंत्री का विरोध किया और इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। 

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क्या बोले थे लोकसभा स्पीकर?
इससे पहले विगत पांच फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि जिस तरह का माहौल उस दिन लोकसभा में बना, उसमें कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था। लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे। लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं। वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जिस पर स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया। अगले दिन स्पीकर ने सदन में कहा कि अनहोनी हो सकती थी, इसलिए उन्होंने पीएम को सदन में आने से रोका। विपक्ष ने ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए केवल इसे अपना विरोध बताया। 

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संसद में गतिरोध
बता दें कि लोकसभा में बीते लगभग एक सप्ताह से कामकाज ठप है। लोकसभा से आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रोके जाने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध बरकरार है। 

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पत्र में महिला सांसदों ने क्या कहा
  • पत्र में महिला सांसद ने लिखा कि सत्ताधारी दल के दबाव में स्पीकर विपक्षी पार्टियों, खासकर कांग्रेस सांसदों के खिलाफ बेबुनियाद और अपमानजनक आरोप लगा रहे हैं।
  • उन्होंने लिखा कि स्पीकर को बिना पार्टी से जुड़ाव को देखे, सभी सांसदों की गरिमा की सुरक्षा करनी चाहिए और साथ ही निष्पक्ष रहना चाहिए।
  • सांसदों ने लिखा कि चार दिन बीत जाने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में नहीं बोलने दिया जा रहा है। साथ ही सत्ताधारी दल के इशारे पर विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया, जबकि सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों को पूर्व पीएम के खिलाफ अपमानजनक बातें करने की इजाजत दी जा रही है।
  • महिला सांसदों ने लिखा कि पीएम मोदी के खिलाफ सांविधानिक तरीके से विरोध करने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। 
  • महिला सांसदों ने लिखा कि हम सभी महिला सांसद सामान्य परिवेश से आए हैं और पहली पीढ़ी के नेता हैं। दशकों के कठिन परिश्रम के बाद और भेदभाव और काफी प्रतिरोध झेलने के बाद हम यहां तक पहुंचे हैं। ऐसे में हमारे सत्यनिष्ठा पर हमला हर उस महिला पर हमला है, जो गरिमा और साहस के साथ राजनीति में अपनी जगह बनाना चाहती हैं।

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