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हाथरस कांड पर राजनीति कर रहा है विपक्ष, राजस्थान की वैसी ही घटना की अनदेखी कर रहे सभी दल : शाह

Sun, 18 Oct 2020 05:10 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Amit Shah - फोटो : ANI
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उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, विपक्ष इस मामले में राजनीति कर रहा है, जबकि राजस्थान में ठीक वैसी ही घटना की अनदेखी कर रहा है।

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एक इंटरव्यू में शाह ने हाथरस कांड को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, ऐसी ही दुष्कर्म की घटना राजस्थान में भी हुई, लेकिन राजनीति का केंद्र सिर्फ हाथरस को बनाया गया। किसी ने राजस्थान की घटना का जिक्र नहीं किया। सभी आरोपी घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिए गए और जांच के लिए एक विशेष समिति भी बना दी गई। सीबीआई जांच भी चल रही है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

शाह ने बॉलीवुड में नशीली दवाओं के धंधे के आरोपों पर कहा, वह दोनों को नहीं जोड़ना चाहते। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि ड्रग्स और बॉलीवुड एक साथ नहीं दिखने चाहिए। ड्रग्स एक खतरा है और इसे जल्द खत्म होना चाहिए। हमने पहले बेहद कठोर कदम उठाए हैं और कानून व इंफ्रास्ट्रक्चर को इसके लिए और मजबूत करने जा रहे हैं। 

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अगले 6 महीने में जम्मू-कश्मीर में दिखेगा अहम विकास

केंद्रीय गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 निरस्त होने के एक साल बाद कानून-व्यवस्था की हालत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, केंद्र शासित प्रदेश में कानून-व्यवस्था सामान्य हैं, हालांकि अब कोविड-19 (कोरोना वायरस) के हालात चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने कहा, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा अब वहां हैं और वे सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास का लाभ आखिरी आदमी तक पहुंचे। उन्होंने कहा, अगले 5-6 महीने में आप वहां अहम विकास देखेंगे।
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पहले यूपी और गुजरात पर ध्यान दें शाह : टीएमसी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर कटु टिप्पणी से नाराज राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उन्हें पहले उत्तर प्रदेश और गुजरात पर ध्यान देने की सलाह दी है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद व प्रवक्ता डैरेक ओ’ब्रायन ने कहा, भाजपा संख्या बढ़ाने की हताशा में अब टीबी और कैंसर से होने वाली मौत को भी ‘राजनीतिक हत्या’ करार देने का प्रयास करने लगी है। अमित शाह को पहले अपना सीधा ध्यान उत्तर प्रदेश और गुजरात पर लगाना चाहिए। आखिरकार ‘राजनीतिक हत्या’ ऐसा विषय है, जिसे अमित शाह बेहतर जानते हैं।
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