बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमलावार रहा है। विपक्ष ने अरुण जेटली पर तंज कसते हुए कहा कि क्या सरकार 2000 रुपये के नोट की छपाई बंद करके 1000 का सिक्का लाने का मन बना रही है। हालांकि जेटली ने इस मसले पर विपक्ष के सवाल का जवाब नहीं दिया। लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने उनसे इस मुद्दे को लेकर स्पष्टीकरण देने पर जोर दिया।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने 2000 रुपये के नोट को स्क्रैप करने का फैसला लिया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की ओर से आरबीआई को 2000 रुपये के नोट्स की छपाई का आदेश नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा आरबीआई ने अबतक 2000 रुपये के नोट के 3.2 लाख नोट छापे हैं। और अब यह छपाई बंद कर दी गई है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए जेटली से कहा कि एक नोट को बैन नहीं किया गया और दूसरे की छपाई की योजना बनाई जा रही है। मामले में उपाध्यक्ष पी जे कुरियन ने कहा कि यह आरबीआई की कार्रवाई है।
उसके बाद अग्रवाल ने कहा कि नोट बैन करने का निर्णय सरकार ने लिया था, आरबीआई के पास यह अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि आरबीआई बोर्ड ने तो इस फैसले का विरोध भी किया था लेकिन सरकार ने यह फैसला लिया।