राजनीतिक दलों की पंचायत है तो राजनीति होगी ही। राज्यसभा इस बार राजनीति की इसी उलझन में दो दिन से प्रश्नकाल के बाद स्थगित हो रही है। सदन में चर्चा नहीं हो पा रही है। विपक्ष राष्ट्रीय महत्व के कई ज्वलंत मुद्दे उठाना चाहता है। विपक्ष चाहता है कि राज्यसभा में सदन की कार्यवाही पूरे दिन चले। वहीं सत्ता पक्ष भी चाहता है कि सदन चले। दोनों पक्षों की मंशा के बाद भी राज्यसभा में गतिरोध बरकरार है। हालांकि आज दो अगस्त को इसका समाधान होने के पूरे आसार हैं।
दरअसल, सत्ता पक्ष चाहता है कि एनआरसी (असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण) के मुद्दे पर चल रही चर्चा में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अपनी बात रखने का अवसर मिले। विपक्ष खासकर तृणमूल कांग्रेस के सांसद शाह को यह अवसर नहीं देना चाहते। शाह के वक्तव्य को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष अड़े हैं। इसके चलते इस चर्चा पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का जवाब भी नहीं हो पा रहा है। माना जा रहा है कि आज इसका हल निकल सकता है।
विपक्ष भी मुद्दे को ज्यादा खींचने के पक्ष में नहीं है। राज्यसभा में विपक्ष का बहुमत है, इसलिए वह सदन की कार्यवाही चलने देने के पक्ष में ताकि मॉब लिंचिंग, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, अर्थव्यवस्था समेत तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरा जा सके। ऐसे में प्रश्नकाल के बाद राज्यसभा में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकती है। माना जा रहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदन में फ्लोर प्रबंधक आज इसका समाधान निकाल लेंगे।