लोकसभा में विपक्ष ने बुधवार को कांग्रेस के चार सांसदों का निलंबन रद्द करने की मांग की। इस पर सरकार ने जोर देकर कहा कि इसे वापस लिया जा सकता है बशर्ते विपक्षी सदस्य यह आश्वासन दें कि वे सदन में वेल में प्रवेश नहीं करेंगे और तख्तियां नहीं दिखाएंगे। यह मांग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने की थी। कांग्रेस के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे। जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ विजय चौक पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद कई कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया गया है।
प्रह्लाद जोशी बोले, विपक्ष को देनी होगी गारंटी
विपक्षी सदस्यों की अपील का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि स्पीकर की अनुमति से हम निलंबन हटाने को तैयार हैं, लेकिन क्या आप इस बात की गारंटी लेने के लिए तैयार हैं कि वे तख्तियां लेकर सदन और वेल में नहीं आएंगे। सुबह दो बार बाधित होने के बाद दोपहर दो बजे सदन की बैठक हुई। इस दौरान राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि विपक्ष सदन के सुचारू संचालन के लिए सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार है। हम आज भी अनुरोध करते हैं कि हमारे चार सदस्यों को माफ कर दिया जाना चाहिए और सदन में वापस लाया जाना चाहिए। हम एक बहस चाहते हैं, हम सरकार के साथ सहयोग करना चाहते हैं। हमारे सदस्यों को वापस आने दें और हम वेल में नहीं जाएंगे।
सुप्रिया सुले ने कहा, हम चलाना चाहते हैं सदन
सुले ने कहा कि मैं विपक्ष की ओर से कह रही हूं कि हम सदन चलाना चाहते हैं। टीएमसी के सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी कहा कि अगर सदन की भावना है तो चार सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया जाए। उन्होंने कहा, प्रह्लाद जोशी जी ने घोषणा की है कि सरकार महंगाई पर चर्चा के लिए तैयार है, हम भी बहस में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। इस मुद्दे को सुलझाएं और बहस शुरू करें। द्रमुक के ए राजा ने कहा, कल जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं है। मैं सदन में दोनों तरफ रहा हूं। वेल में आकर तख्तियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना इस सदन के लिए नया नहीं है।
मैं हाथ जोड़कर कहता हूं कि इस सदन में संख्यात्मक ताकत को महत्व न दें। स्वस्थ बहस संख्यात्मक ताकत के सामने नहीं टिकेगी। कृपया पुनर्विचार करें, निर्णय वापस लें और उसके बाद हम बहस में भाग लेने के इच्छुक हैं। डीएमके की ओर से मैं मांग करता हूं कि कि निलंबन तुरंत वापस लिया जाए। जोशी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक से लेकर आज सुबह तक सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि वह विपक्ष की मांग पर बहस के लिए तैयार है। मैंने यह भी अनुरोध किया कि अगर आप आज बहस चाहते हैं तो हम इसके लिए तैयार हैं। इसके बावजूद विपक्ष ने पूरा हफ्ता बर्बाद कर दिया और यह फिर से हो रहा है।
जोशी ने कहा- विपक्ष को गारंटी लेने में क्या दिक्कत
उन्होंने कहा, अगर वे चाहते हैं तो हम निलंबन वापस लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन क्या वे गारंटी लेंगे कि वे वेल में नहीं आएंगे, तख्तियों के साथ वेल में नहीं आएंगे और स्पीकर के सामने तख्तियां नहीं दिखाएंगे। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्षी सदस्य अपनी पार्टियों और कांग्रेस की ओर से गारंटी लेने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर की अनुमति से हम बात मानने को तैयार हैं, लेकिन क्या आप इस बात की गारंटी लेने के लिए तैयार हैं कि वे तख्तियां लेकर वेल में नहीं आएंगे। हम बहस के लिए तैयार हैं, विपक्ष को गारंटी लेने में दिक्कत क्यों हो रही है।