अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त करते हुए समुद्र में एक बड़ा सैन्य हमला किया है। प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से में ड्रग्स की तस्करी में लगी एक नाव पर अमेरिकी सेना ने घातक हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति जिंदा बच गया। यह कार्रवाई वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी सेना का पहला ज्ञात हमला माना जा रहा है।
मामला क्या है?
अमेरिकी दक्षिणी कमांड के मुताबिक, यह नाव मादक पदार्थों की तस्करी के एक संगठित अभियान में शामिल थी। सेना ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की। जारी वीडियो में दिखता है कि तेज रफ्तार से चल रही नाव कुछ ही पलों में आग के गोले में बदल जाती है। इस हमले में दो तस्करों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति समुद्र में कूदकर जान बचाने में सफल रहा।
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हमला क्यों अहम माना जा रहा है?
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इस महीने की शुरुआत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थीं। माना जा रहा है कि इसके बाद ड्रग्स तस्करी नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक किया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह हमला ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
ऑपरेशन सदर्न स्पीयर क्या है?
अमेरिकी सेना ने बताया कि यह हमला ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ नामक बड़े अभियान के तहत किया गया। इस ऑपरेशन के तहत सितंबर के बाद से अब तक मादक पदार्थों की तस्करी में लगी 36 नावों पर हमले किए जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में कम से कम 117 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर हमले कैरेबियन सागर के इलाकों में हुए हैं।
जिंदा बचे तस्कर के साथ क्या हुआ?
हमले के बाद अमेरिकी सेना ने तटरक्षक बल को निर्देश दिए कि जिंदा बचे व्यक्ति के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जाए। सेना का कहना है कि उसे हिरासत में लेकर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और रास्तों की जानकारी जुटाई जाएगी। इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।
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