वैश्विक मंचों पर भारत का दबदबा अब केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय नौसेना अब दुनिया की महाशक्तियों को भी पाठ पढ़ा रही है। 'ट्रेनी से ट्रेनर' बने भारत की अगुवाई में कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में 25 देशों का महा-नौसैन्य अभ्यास 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस' शुरू हो गया है। अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज नौसेनाएं भारत के अत्याधुनिक सिमुलेटरों और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर ट्रेनिंग लेने कोच्चि पहुंची हैं। यह आयोजन साबित करता है कि हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक प्रशिक्षण के लिए दुनिया का भरोसा अब केवल भारत पर टिका है।
कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में सोमवार से चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण अभ्यास ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का आगाज हुआ। नौसेना के इस प्रशिक्षण में कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (सीएमएफ) के 25 देशों की नौसेनाएं भाग ले रहीं।
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बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों में नौसेना की भूमिका भी नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। भारत एक प्रशिक्षु की भूमिका से आगे बढ़कर प्रशिक्षक की भूमिका में आ गया है। 23 जुलाई तक चलने वाले इस बड़े प्रशिक्षण अभ्यास में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और सेशेल्स जैसे देशों के शीर्ष नौसैनिक और सैन्य प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
कोच्चि तेजी से नौसेनाओं के लिए एक प्रमुख और आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में अपनी धाक जमा रहा है। यहां स्थित दक्षिणी नौसेना कमान के पास अत्याधुनिक नौसैनिक संस्थान, उन्नत सिमुलेटर और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान देता है। यही वजह है कि नियमित और उच्चस्तरीय सैन्य प्रशिक्षण के लिए दुनियाभर की नौसेनाएं कोच्चि का रुख करती हैं। यहां नौसैनिक प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे पर दुनिया का भरोसा मजबूत हो रहा है।
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सीएमएफ में 40 से अधिक देश शामिल
कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज बहुराष्ट्रीय समुद्री साझेदारी संगठन है, जिसमें 40 से अधिक देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, सहयोग बढ़ाना और नौवहन की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना है।
अभ्यास में क्या होगा
नौसेना ने बताया कि अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को थ्योरी और प्रैक्टिकल स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। समुद्री कानून और जागरूकता के तहत मैरीटाइम लॉ, मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।