लाइन ऑफ कंट्रोल के 30 किलोमीटर भीतर आतंकी ठिकाना ध्वस्त
तीसरे नंबर पर भारतीय सेना ने कोटली गुलपुर में आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया। यह लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) से 30 किलोमीटर दूर था। सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी ने बताया कि यहां आतंकी संगठन- लश्कर-ए-तैय्यबा का बेस था। यहां के आतंकी जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ में सक्रिय थे।
हमले के पहले की तस्वीर
मिसाइल हमले में आतंकी ठिकाना ध्वस्त होने के बाद की तस्वीर--
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना का चौथा निशाना
कोटली के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) के भींबर के बरनाला कैंप पर हमला किया। यह एलओसी से 9 किमी दूर है। सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया ने बताया कि इस ठिकाने पर दहशतगर्दों को हथियारों की हैंडलिंग, आईईडी और जंगल सर्वाईवल की ट्रेनिंग दी जाती थी।
मिसाइल हमले के पहले की तस्वीर
आतंकी ठिकाना ध्वस्त होने का सबूत-
एलओसी से 13 किमी दूर दागी पांचवीं मिसाइल
पांचवां मिसाइल हमला अब्बास कैंप कोटली पर किया गया। सेना ने इस आतंकी ठिकाने को सटीक निशाना बनाया। यह एलओसी से 13 किमी दूर है। कर्नल सोफिया ने बताया कि यहां लश्कर के फिदायीन तैयार किए जाते थे। यहां एक समय में 15 आतंकियों को ट्रेनिंग देने की क्षमता थी।
हमले के पहले की फोटो--
भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद की तस्वीर
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर इन आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया---
पीओजेके में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने मिसाइलों से पाकिस्तानी सीमा के भीतर चल रहे आतंकी ठिकानों पर भी सटीक हमले किए। सबसे पहले सेना ने सरजल कैंप सियालकोट पर हमला किया। यह अंतरराष्ट्रीय सीमा से 6 किमी दूर और जम्मू-कश्मीर के सांबा-कठुआ के सामने है।
हमले के पहले की तस्वीर-
हमले के बाद की तस्वीर-
सियालकोट के महमूना जोया कैंप पर हमला
पाकिस्तान के भीतर बने आतंकी ठिकानों में दूसरे नंबर पर सियालकोट के महमूना जोया कैंप पर हमला किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से 12-18 किमी दूर है। यहां हिजबुल का बड़ा कैंप था। यहां से कठुआ में आतंकी गतिविधि चलाई जाती थी। कर्नल सोफिया ने बताया कि पठानकोट एयरबेस का हमला भी यहीं प्लान किया गया था।
हमले के पहले की तस्वीर--
हमले के बाद की तस्वीर--
मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकियों का ठिकाना भी बर्बाद
मुरीदके में मरकज-तैयबा को भी निशाना बनाया गया। इंटरनेशनल बॉर्डर से ये जगह 18-25 किमी दूर है। 2008 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी यहीं प्रशिक्षित हुए। कसाब और हेडली जैसे दहशतगर्दों ने भी ली ट्रेनिंग।
आतंकी हमले के पहले की तस्वीर--
आतंकी हमले के बाद बर्बाद हुआ ठिकाना- इस ठिकाने पर चार मिसाइलें दागीं गईं--
तस्वीर-1
तस्वीर-2
तस्वीर-3
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अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी दूर पाकिस्तान में भी हमला
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने सबसे अंत में बहावलपुर में मरकज सुभानअल्लाह पर हमला किया। कर्नल सोफिया ने बताया कि ये ठिकाना अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से ये ठिकाना करीब 100 किलोमीटर दूर है। यह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी है। यहां आतंकी भर्ती, ट्रेनिंग और इनडॉक्ट्रिनेशन केंद्र संचालित किया जाता था। शीर्ष आतंकियों के यहां आने की खबरें अक्सर मीडिया में प्रसारित होती रही हैं।
पाकिस्तान के 21 आतंकी ठिकाने, यहां मिलती है दहशतगर्दों को पनाह
भारत ने हमला किए गए ठिकानों के अलावा उन 21 ठिकानों की सूची भी जारी की, जहां दहशतगर्दों को पनाह मिलती है। इस सूची में भारत ने उन जगहों को भी रेखांकित किया है, जहां भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई की है।
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