दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहा पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फेक न्यूज और साइबर हमला की मदद से अपने नापाक इरादे को अंजाम देने की तैयारी में था। एक तरफ जहां भारत आतंकियों का पनाहगार पाकिस्तान को उसके घिनौने कृत्य को लेकर सबक सिखा रहा था। वहीं दूसरी ओर नापाक पड़ोसी हमेशा की तरह अपनी एआई, डीपफेक की मदद से अपनी गंदी चाल चल रहा था। इस बात का खुलासा एडीजी स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन मेजर जनरल संदीप शारदा ने किया।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारी मात्रा में साइबर हमले और फेक न्यूज फैलाने का प्रयास किया। जहां ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन ही कई प्रकार के फर्जी वीडियो, डॉक्टर्ड सामग्री और झूठी खबरें सरकारी चैनलों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए फैलायी गईं। बता दें कि जनरल संदीप शारदा 22वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार में संबोधन के दौरान ये बातें कही। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि DGISPR के माध्यम से सात एपीटी ग्रुप्स ने एक साथ काम किया और 7 मई को 15 लाख से ज्यादा साइबर हमले किए।
पहले दिन स्टॉक एक्सचेंज पर तीन करोड़ हमले- संदीप शारदा
संदीप शारदा ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लगभग 3 करोड़ हमला हुए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में यूट्यूब चैनल, पुराने अकाउंट और सरकारी हैंडल का इस्तेमाल करके फर्जी खबरें फैलाने की कोशिश की।
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शारदा ने कहा कि 30-40 मिनट में ही लाखों वीडियो बनाए गए, लगभग एक जैसे भाषाई पैटर्न के साथ। उन्होंने जोर दिया कि प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का भी इस्तेमाल हुआ। उदाहरण देते हुए उन्होंने ज्योति मल्होत्रा केस और हिन्दू पोस्ट द्वारा प्रकाशित 15 वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया, जिसमें पाकिस्तान के अनसत्यापित दावे फैलाए गए।
चार महीनों में इतने डीपफेक वीडियो को खुलासा
मेजर जनरल शारदा ने आगे बताया कि पिछले चार महीनों में एडीजी स्ट्रैटकॉम ने 217 डीपफेक वीडियो उजागर किए, जिनमें 164 सेना से जुड़े थे। इसके अलावा, सीडीएस से 9, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ 23, चीफ ऑफ एयर स्टाफ 4 और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ 3 डीपफेक शामिल थे।
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इस दौरान उन्होंने चेताया कि आज भी किसी चीफ के भाषण के आधे घंटे के भीतर एआई आधारित डीपफेक वायरल हो जाता है, जो वास्तविक दिखता है लेकिन उसमें बदलाव किया गया होता है। उनकी चेतावनी थी कि यह प्रक्रिया लगातार जारी है और भविष्य में इन तरह के साइबर और सूचना हमलों से सतर्क रहने की जरूरत है।
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