एस-400 मिसाइल सिस्टम
भारतीय वायुसेना ने बुधवार रात भारत की तरफ आ रहे टारगेट्स को वायु रक्षा प्रणाली 'एस-400 सुदर्शन चक्र मिसाइल सिस्टम' से निशाना बनाया। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, एस-400 से सफलतापूर्वक सभी टारगेट्स को तबाह कर दिया गया। वहीं भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हार्पी ड्रोन्स से पाकिस्तान के वायु सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाया और लाहौर स्थित रडार सिस्टम को तबाह कर दिया।
एस-400 वायु रक्षा प्रणाली उपकरणों का एक नेटवर्क है, जिसे हवाई खतरों से निपटने के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर हथियारों में से एक माना जाता है। यह किसी भी संभावित खतरे को हवा में ही तबाह करने में सक्षम है। एस-400 मिसाइल सिस्टम को चीन और पाकिस्तान के खतरे को ध्यान में रखकर तैनात किया गया है।
क्या है हारोप ड्रोन?
हार्पी या हारोप ड्रोन इस्राइल द्वारा निर्मित मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) है, जिसे इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने विकसित किया है। यह एक लॉइटरिंग म्युनिशन है। जिसे मुख्य रूप से दुश्मन के रडार सिस्टम और हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ड्रोन निगरानी और सटीक हमले दोनों में सक्षम है, जो इसे सैन्य अभियानों में एक प्रभावी हथियार बनाता है। हार्पी ड्रोन का फायर एंड फॉरगेट मिसाइल भी कहा जाता है। क्योंकि हमला करने के बाद ये ड्रोन नष्ट हो जाता है। भारत ने इन्हें 2000 में इस्राइल से खरीदा था।
स्कैल्प मिसाइल
स्कैल्प, जिसे स्टॉर्म शैडो के नाम से भी जाना जाता है, एक एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल है, जिसे लंबी दूरी के घातक हमलों के लिए डिजाइन किया गया है, जो बात इसे दुनिया भर के रक्षा बलों की पसंदीदा बनाती है, वह यह है कि यह रात में और सभी मौसम में संचालित हो सकती है। 450 किलोमीटर की रेंज होने के कारण, स्कैल्प मिसाइल की सटीकता की वजह उन्नत नेविगेशन प्रणाली है, जो जीपीएस (ग्राउंड पोजिशनिंग सिस्टम) और आईएनएस (इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम) का उपयोग करती है। एक यूरोपीय संघ एमबीडीए द्वारा निर्मित यह मिसाइल कठोर बंकरों को भेदने का आदर्श हथियार है।
स्वदेशी 'आकाश' मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली
देश में ही तैयार 'आकाश' सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली ने गुरुवार को भारतीय शहरों को निशाना बनाकर किए गए पाकिस्तानी ड्रोन हमलों को नकाम करने में अहम भूमिका निभाई है। 8 मई और 9 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना ने पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से किए गए कई ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया और उनका जवाब दिया।
पहलगाम हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' फिर पाकिस्तान का दुस्साहस और भारत का पलटवार
इससे पहले 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। दहशतगर्दों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी थी। इसके बाद पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई छेड़ने के लिए एकजुट हो गया। इस बीच भारत ने आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगाईं और 7 मई को पूरे देश में मॉक ड्रिल कराने का फैसला किया। दुनिया की नजर इसी मॉक ड्रिल पर थी कि 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक कर दिया। इसससे बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार की रात भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेनाओं ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। लड़ाकू विमानों, ड्रोन, रॉकेट व मिसाइलों के जरिए पाकिस्तान ने रात 8 से 10 बजे के बीच जम्मू, पठानकोट, फिरोजपुर, कपूरथला, जालंधर व जैसलमेर के सैन्य ठिकानों और आयुध केंद्रों पर हमला किया। पाकिस्तान के दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने पड़ोसी देश के लाहौर, इस्लामाबाद, पेशावर व सियालकोट समेत सात शहरों पर एकसाथ जवाबी कार्रवाई की।