रात 1.44 बजे नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने रात 1.44 बजे नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। लगभग 23 मिनट के ऑपरेशन को अंजाम देने के तत्काल बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिकी समकक्ष और विदेश मंत्री- मार्को रुबियो से बात कर उन्हें पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। भारतीय सेना ने स्ट्राइक के तत्काल बाद जारी बयान में कहा, लक्ष्यों के चयन में संयम और सावधानी बरती गई है।
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तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का फैसला, सेना ने दिखाया अभूतपूर्व पराक्रम
बांग्लादेश की आजादी के लिए 1971 में भारत ने न केवल सैन्य संघर्ष किया, बल्कि इसमें राजनीतिक, आर्थिक और मानव संसाधनों का भी बड़ा योगदान रहा था। भारत ने बांग्लादेश को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई, और दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और राजनीतिक रिश्ते बने। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मजबूत फैसले के बाद भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता संग्राम में पाकिस्तान के खिलाफ सीधे सैन्य हस्तक्षेप किया था। पाकिस्तान के लिए 16 दिसंबर,1971 का दिन सबसे काला दिन था, जब बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के बाद उसके सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष ढाका में आत्म समर्पण किया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद किसी भी सेना द्वारा किया गया यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था, क्योंकि पाकिस्तान के 90,000 से ज्यादा सैनिकों ने समर्पण किया था।
54 साल पुरानी संयुक्त सैन्य कार्रवाई की यादें ताजा
पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने और मुक्त बांग्लादेशी सरकार स्थापित करने के लिए भारत का सैन्य अभियान पहले बंदरगाह शहर खुलना और चिटगांव में शुरू हुआ, जो अंत में भारतीय जांबाजों के पराक्रम के सामने 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के सरेंडर के साथ समाप्त हुआ। भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के दो हफ्ते बाद जिस तरह की सैन्य कार्रवाई कर, पाकिस्तान की सरजमीं पर दहशतगर्दों के ठिकानों को तबाह किया है, इससे थल सेना, नौसेना और वायुसेना की 54 साल पुरानी संयुक्त सैन्य कार्रवाई की यादें ताजा हो गईं हैं।
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