पाकिस्तान की ओर संघर्ष विराम के उल्लंघन के बाद सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच, रविवार को भारत की सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्य महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें डीजीएम लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रसाद शामिल हुए। उन्होंने जानकारी दी कि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की गुजारिश की थी।
भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ बातचीत को क्यों तैयार हुए?
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि हमारा उद्देश्य आतंकी शिविरों को निशाना बनाना था और बाद की हमारी कार्रवाई सिर्फ पाकिस्तान के उकसावे के जवाब में थी। इस वजह से पाकिस्तान के डीजीएमओ से उनकी पहल पर बातचीत की गई। हालांकि, अपेक्षित रूप से पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों में संघर्ष विराम का उल्लंघन कर दिया। संघर्ष विराम का उल्लंघन होने पर सेना के कमांडरों को जवाब देने की खुली छूट दी गई है।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा, मेरी बात पाकिस्तान के डीजीएमओ से कल (10 मई) दोपहर 3:35 बजे हुई। उन्होंने गुजारिश की कि आइए हम दुश्मनी छोड़ते हैं। बातचीत के बाद दोनों देशों ने 10 मई शाम 5:00 बजे से एक-दूसरे पर गोलीबारी और हवाई घुसपैठ रोकने पर सहमति जताई। हमने यह भी तय किया कि 12 मई दोपहर 12 बजे फिर से बातचीत करेंगे, ताकि इस समझौते को लंबे समय तक कैसे कायम रखा जाए, उस पर चर्चा हो सके। लेकिन अफसोस की बात है, और जैसा कि उम्मीद थी, पाकिस्तान सेना ने कुछ ही घंटों में इस समझौते का उल्लंघन कर दिया। उन्होंने रात में फिर से सीमा पार और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी की और ड्रोन भेजे। इन उल्लंघनों का हमने सख्त जवाब दिया।
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उन्होंने आगे कहा, आज सुबह हमने पाकिस्तान के डीजीएमओ को फिर से हॉटलाइन पर संदेश भेजा और उन्हें इन उल्लंघनों की जानकारी दी। साथ ही यह साफ कहा कि अगर आज रात या आगे फिर से ऐसा हुआ तो हम और भी जोरदार तरीके से जवाब देंगे। थल सेना प्रमुख (सीओएएस) ने हमारे कमांडरों को पूरी छूट दी है कि अगर पाकिस्तान कोई उल्लंघन करता है, तो तुरंत जवाबी कार्रवाई की जाए।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा, 'मैं अपने पांच शहीद साथियों और सशस्त्र बलों के भाइयों तथा नागरिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में दुखद रूप से अपनी जान गंवा दी। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं...उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा...हमने अब तक बहुत संयम बरता है और हमारी कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उग्र रही है। हालांकि, हमारे नागरिकों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का निर्णायक रूप से सामना किया जाएगा।'
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