ओपन एआई ने भारत में अपने कारोबार के लिए प्रभजीत सिंह को प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। कंपनी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि भारत उसके सबसे अहम और प्राथमिकता वाले बाजारों में से एक है।
प्रभजीत सिंह भारत में ओपन एआई के शीर्ष अधिकारी होंगे। उनके जिम्मे उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार, कंपनियों में एआई को बढ़ावा देना, साझेदारियां, सरकारी और नियामक संस्थाओं के साथ तालमेल और कंपनी के संचालन की जिम्मेदारी होगी। कंपनी ने कहा कि उनका मुख्य ध्यान नई साझेदारियां बनाने और भारत के एआई तंत्र को मजबूत करने पर रहेगा। साथ ही वे उपभोक्ताओं, कारोबार, संस्थानों और सरकारी एजेंसियों तक एआई के फायदे पहुंचाने का काम करेंगे।
ओपन एआई ने कहा कि प्रभजीत सिंह सितंबर में भारत के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वह एशिया-प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र के प्रबंध निदेशक किरण मणि को रिपोर्ट करेंगे। कंपनी ने कहा कि यह नियुक्ति भारत में उसके लगातार बढ़ते निवेश का हिस्सा है। भारत ओपन एआई के लिए सबसे अहम बाजारों में शामिल है।
कौन हैं प्रभजीत सिंह?
प्रभजीत सिंह इससे पहले उबर में भारत और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष थे। वहां उन्होंने भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में कंपनी के मोबिलिटी कारोबार का नेतृत्व किया। वह आईआईटी खड़गपुर और आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व छात्र हैं।
भारत दुनिया के सबसे अहम बाजारों में से एक: ओपन एआई
सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली ओपन एआई ने भारत में अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ाई है। कंपनी कारोबार, डेवलपर समुदाय और विभिन्न संस्थानों के साथ साझेदारी मजबूत कर रही है। ओपन एआई का मानना है कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को तेजी से अपनाने वाले दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है।
ऑल्टमैन पहले भी कह चुके हैं कि भारत में एआई को अपनाने की रफ्तार बेहद शानदार रही है। उन्होंने कहा था कि कंपनी भारत में और अधिक निवेश करने के लिए उत्साहित है। ओपन एआई ने नवंबर 2025 में नई दिल्ली में अपना पहला कार्यालय खोला था।
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एआई समिट में ऑल्टमैन ने क्या कहा था?
दुनिया के डिजिटल उद्योग के प्रमुख नामों में शामिल ऑल्टमैन ने इस साल फरवरी में आयोजित इंडिया एआई समिट के दौरान भी भारत के तकनीकी क्षेत्र की खुलकर सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि भारत में तकनीक को अपनाने की गति बहुत तेज है। उस समय ऑल्टमैन ने कहा था, भारत में एआई के क्षेत्र में जो हो रहा है, वह वास्तव में शानदार है।
उन्होंने भारत के इस भरोसे की भी तारीफ की थी कि देश एआई के पूरे ढांचे में निवेश कर रहा है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई मॉडल और उनके ऊपर बनने वाले एप्लिकेशन शामिल हैं। उन्होंने कहा था कि भारत का तकनीकी पारिस्थितिकीतंत्र एआई के दम पर उद्यमिता के बड़े विस्तार की ओर बढ़ रहा है।