8,100 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग मामले में गुजरात की एक फार्मा कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ शनिवार को दिल्ली की एक अदालत ने खुला गैर-जमानती वारंट जारी किया। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ खुला गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी।
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) मनी लांड्रिंग मामले में कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ खुला गैर-जमानती वारंट जारी किया। इन आरोपियों में कंपनी निदेशक नितिन जयंती लाल संदेसरा, चेतन कुमार जयंती लाल संदेसरा, दीप्ति चेतन संदेसरा और हितेश कुमार नरेंद्र भाई पटेल शामिल हैं।
ईडी ने एसबीएल के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून की धाराओं के तहत कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों द्वारा आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत देने की शिकायत के मामले की भी जांच ईडी कर रही है। निदेशालय ने 24 दिसंबर को अदालत को सूचित किया था कि वह एसबीएल के निदेशकों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराना चाहता है। खुले गैर-जमानती वारंट के तहत गैर-जमानती वारंट के विपरीत मुकदमे के लिए समय सीमा तय नहीं होती।
पिछले 26 अक्तूबर को कोर्ट ने इन आरोपियों को इकोनॉमिक ऑफेंडर्स घोषित करने की ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपियों को नोटिस जारी किया था। पिछले 23 अक्तूबर को ईडी ने इस मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी ने जुलाई में आरोप पत्र दाखिल किया।
ईडी ने आरोप पत्र में कहा कि कंपनी ने आंध्रा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से लोन लिया, जो अब नन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) में तब्दील हो गया है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप प्रकाश गर्ग और दिल्ली के व्यापारी गगन धवन को पिछले फरवरी में गिरफ्तार किया था।
ईडी और सीबीआई दोनों ने इस मामले में गर्ग और धवन को भी अभियुक्त बनाया है। सीबीआई की एफआईआर के बाद ईडी ने भी मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। इस मामले में 31 दिसंबर, 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। पिछले 6 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में अनूप प्रकाश गर्ग को जमानत दे दी थी।
राकेश अस्थाना से भी जुड़े हैं तार
स्टर्लिंग बायोटेक के तार सीबीआई रिश्वत कांड के आरोपी और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना से भी जुड़े हुए हैं। स्टर्लिंग बायोटेक पर वडोदरा में राकेश अस्थाना की बेटी की शादी में काफी महंगी रिसेप्शन पार्टी का आयोजन करने का आरोप है। इस मामले की भी सीबीआई जांच कर रही है।