President Murmu On Operation Sindoor: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कश्मीर में पहलगाम आतंकवादी हमले पर राष्ट्र की निर्णायक प्रतिक्रिया की सराहना की, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रकाश डाला और देश की एकता और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा- प्यारे देशवासियों इस वर्ष, हमें आतंकवाद का दंश झेलना पड़ा। कश्मीर घूमने गए निर्दोष नागरिकों की हत्या, कायरतापूर्ण और नितांत अमानवीय थी। इसका जवाब भारत ने, फौलादी संकल्प के साथ निर्णायक तरीके से दिया।
'इतिहास में मिसाल के तौर पर दर्ज होगा ऑपरेशन सिंदूर'
राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे कहा- ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखा दिया कि जब राष्ट्र की सुरक्षा का प्रश्न सामने आता है तब हमारे सशस्त्र बल किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम सिद्ध होते हैं। रणनीतिक स्पष्टता और तकनीकी दक्षता के साथ, हमारी सेना ने सीमा पार के आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया। मेरा विश्वास है कि ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद के विरुद्ध मानवता की लड़ाई में एक मिसाल के तौर पर इतिहास में दर्ज होगा।
'हमारी एकता ही हमारी जवाबी कार्रवाई की विशेषता'
इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा- हमारी एकता ही हमारी जवाबी कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता थी। यही एकता, उन सभी तत्वों के लिए सबसे करारा जवाब भी है जो हमें विभाजित देखना चाहते हैं। भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट करने के लिए, कई देशों में गए संसद-सदस्यों के बहुदलीय प्रतिनिधि-मंडलों में भी हमारी यही एकता दिखाई दी। विश्व-समुदाय ने, भारत की इस नीति का संज्ञान लिया है कि हम आक्रमणकारी तो नहीं बनेंगे, लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने में तनिक भी संकोच नहीं करेंगे।
'ऑपरेशन सिंदूर आत्मनिर्भर भारत मिशन की परीक्षा का अवसर था'
राष्ट्रपति ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर, प्रतिरक्षा के क्षेत्र में, 'आत्मनिर्भर भारत मिशन' की परीक्षा का भी अवसर था। अब यह सिद्ध हो गया है कि हम सही रास्ते पर हैं। हमारा स्वदेशी विनिर्माण उस निर्णायक स्तर पर पहुंच गया है जहां हम अपनी बहुत सी सुरक्षा-आवश्यकताओं को पूरा करने में भी आत्मनिर्भर बन गए हैं। ये उपलब्धियां स्वाधीन भारत के रक्षा इतिहास में एक नए अध्याय का सूत्रपात हैं।
राष्ट्रपति ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा का किया जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दौरान कहा- हमारे युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल गई हैं युवा प्रतिभाओं की ऊर्जा से शक्ति प्राप्त करके, हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। शुभांशु शुक्ला की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा ने एक पूरी पीढ़ी को ऊंचे सपने देखने की प्रेरणा दी है। यह अंतरिक्ष-यात्रा भारत के आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम 'गगनयान' के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।