'एक देश - एक चुनाव' के लिए दो विधेयकों की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की दूसरी बैठक 31 जनवरी को होगी। लोकसभा की वेबसाइट पर प्रकाशित कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई है।
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक हाल ही में शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए गए थे और इन्हें समिति के पास भेजा गया था। लोकसभा की वेबसाइट के मुताबिक, समिति की आगामी बैठक में संशोधन विधेयकों की जांच के लिए प्रक्रिया और विधियों पर चर्चा की जाएगी।
समिति की पहली बैठक आठ जनवरी को हुई थी, जिसमें विधि और न्याय मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने समिति के सदस्यों को जानकारी दी थी। पहली बैठक में विभिन्न दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान हुआ था। जिसमें विपक्षी सदस्य इस विचार को संविधान और संघवाद की मूल भावना पर हमला मान रहे थे। जबकि भाजपा सांसदों ने इसे जनमत का प्रतिबिंब बताया था।
सभी सांसदों को 18,000 पन्नों का एक ट्रॉली दिया गया था, जिसमें रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट के हिंदी और अंग्रेजी में एक-एक संस्करण और 21 अतिरिक्त दस्तावेजों के साथ एक सॉफ्ट कॉपी भी शामिल थी।
इस समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद पीपी चौधरी कर रहे हैं। 39 सदस्यीय इस समिति में सभी प्रमुख दलों के सदस्य शामिल हैं, जिनमें कांग्रेस की प्रियंका गांधी, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और साकेत गोखले शामिल हैं।
सरकार ने समिति की संख्या को 31 से बढ़ाकर 39 कर दिया था,क्योंकि कई सियासी दलों ने एक साथ चुनाव पर दो मसौदा विधेयकों की जांच में भाग लेने की इच्छा जताई थी। समिति में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पर्वोत्तरम रुपला, मनीष तिवारी और कई अन्य सांसद अनिल बलूनी, बांसुरी स्वराज और संबित पात्रा भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। समिति में लोकसभा से 27 सदस्य और राज्यसभा से 12 सदस्य हैं।