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दिल्ली-मुंबई और मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर का सिर्फ 40 किमी हिस्सा ही पूरी तरह सुरक्षित

Tue, 18 Sep 2018 03:49 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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भारत के चार कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने वाले स्वर्णिम चतुर्भुज के राष्ट्रीय राजमार्ग खस्ताहाल हैं। यह कार, बस और ट्रक चालकों के लिए सुरक्षित नहीं है। ताजा अध्ययन के मुताबिक, 5431 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई और मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर का सिर्फ 40 किमी हिस्सा ही पूरी तरह सुरक्षित है। 

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वहीं, 2795 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर का 30 फीसदी और 2636 किमी मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर का आधा से अधिक हिस्सा यात्रियों के लिए असुरक्षित है। ऐसा अध्ययन पहली बार हुआ है। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और वर्ल्ड बैंक समेत कई एजेंसियों ने कराया है। 

वर्ल्ड बैंक की वैश्विक सड़क सुरक्षा सुविधा, इंटरनेशनल रोड असेसमेंट प्रोग्राम (आईआरएपी) और एनएचएआई ने इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के कॉरिडोर के सुरक्षा का आकलन और स्टार रेटिंग की है। दुनिया में हुई दुर्घटना के अध्ययन के आधार पर इन राष्ट्रीय राजमार्गों को एक से पांच स्टार तक की रेटिंग दी गई।
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इसलिए असुरक्षित है दिल्ली-मुंबई और मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर

-5431 किमी लंबा है दिल्ली-मुंबई और मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर
-40 किमी हिस्से को ही मिली है 5 स्टार रेटिंग, यानी यह हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है
-245 किमी हिस्से को मिली है 4 स्टार रेटिंग, यानी यह भी सुरक्षित है
-55 फीसदी हिस्से को मिली है 3 स्टार रेटिंग, यानी यह कुछ हद तक सुरक्षित है
-39 फीसदी हिस्से को 1 या 2 स्टार रेटिंग मिली है, यानी यह हिस्सा यात्रियों के पूरी तरह असुरक्षित है

इसलिए अहम हो जाती है रिपोर्ट...
-02 फीसदी हिस्सेदारी है राष्ट्रीय राजमार्ग की देश के पूरे रोड नेटवर्क में
-36 फीसदी मौतें इन राष्ट्रीय राजमार्गों पर होती हैं कुल सड़क हादसे के मुकाबले
-52 हजार लोगों ने 2017 में राष्ट्रीय और 40000 ने राज्य राजमार्गों पर सड़क हादसों में गंवाई जान
-100 किलोमीटर प्रतिघंटा अधिकतम रफ्तार पिछले साल निर्धारित किया था सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने

दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर का 54 फीसदी हिस्सा असुरक्षित

रिपोर्ट के मुताबिक, स्वर्णिम चतुर्भुज के 2795 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई नेटवर्क के करीब 824 किमी हिस्से को तब 1 या 2 स्टार रेटिंग दी गई है, जब रफ्तार की अधिकतम सीमा 80 किमी प्रति घंटा हो। अगर अधिकतम रफ्तार100 किमी प्रति घंटा हो तो इस नेटवर्क का करीब 1,517 किमी यानी 54 फीसदी हिस्सा असुरक्षित की श्रेणी में आ जाएगा।


 
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मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर का 62 फीसदी हिस्सा असुरक्षित

स्वर्णिम चतुर्भुज के 2636 किमी लंबे मुंबई-चेन्नई नेटवर्क के करीब 1286 किमी हिस्से को तब 1 या 2 स्टार रेटिंग दी गई है, जब रफ्तार की अधिकतम सीमा 80 किमी प्रति घंटा हो। अगर अधिकतम रफ्तार100 किमी प्रति घंटा हो तो इस नेटवर्क का करीब 1623 किमी यानी 62 फीसदी हिस्सा असुरक्षित की श्रेणी में आ जाएगा।

5 स्टार रेटिंग लायक बनाई जा सकती हैं सड़कें

आईआरएपी के मुताबिक, राजमार्गों को किफायती तरीके से 5 स्टार रेटिंग के लायक बनाया जा सकता है। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों के लिए यह ज्यादा यथार्थवादी कदम होगा कि वे कम-से-कम 3 स्टार रेटिंग लायक सड़कें बनाने का लक्ष्य रखें।
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