बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार को केवल वही बिल पारित कराने में सहयोग का वादा किया है जिन पर कोई विवाद या बहस नहीं है। राज्यसभा में सरकार का बहुमत नहीं है और कोई भी विधेयक तभी पास हो सकता है जब विपक्ष सरकार का सहयोग करे। सरकार 18 बिल और चार अध्यादेशों को पारित कराना चाहती थी लेकिन विपक्ष के साथ केवल चार विधेयक और एक अध्यादेश पारित कराने पर सहमति बनी।
ये फैसले राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में लिए गए। विपक्ष ने नागरिकता विधेयक पर कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर पूर्व की सभी गैर भाजपा पार्टियों से बात कर उन्हें आश्वस्त किया है कि किसी भी सूरत में इसे राज्यसभा में पास नहीं होने किया जाएगा।
ये सभी दल इस विधेयक को लेकर बहुत आंदोलित हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे उनके राज्य में बांग्लादेशियों की संख्या बढ़ जाएगी। भाजपा शासित असम में 14 लोकसभा सीटें हैं और त्रिपुरा में दो। बाकी छह राज्यों में 9 लोकसभा सीटें हैं जिन पर विपक्षी दलों की नजर है।