सरकार ने कहा है कि व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म शुरू से अंत तक एनक्रिप्शन का हवाला देकर कानून लागू करने वाली एजेंसियों का सहयोग नहीं कर रहे। एनक्रिप्शन वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी सूचना या संदेश को कोड में बदला जाता है और उस तक केवल अधिकृत व्यक्ति की ही पहुंच हो सकती है।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर पोर्नोग्राफी और बच्चों पर उसके होने वाले प्रभाव के मामले को देखने वाली राज्यसभा की समिति को बताया कि यहां तक कि ये कानूनी आवेदन का भी सम्मान नहीं करते।
उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर मौजूद अश्लील सामग्री और उनका बच्चों सहित पूरे समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के मद्देनजर चिंताजनक मुद्दे को देखते हुए इस माह के शुरू में सभापति एम वेंकैया नायडू ने राज्यसभा की एक तदर्थ समिति का गठन किया था। इसमें दस राजनीतिक दलों के 14 सदस्यों की कई बैठकें हो चुकी हैं।