विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आज लोकसभा में नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजने के घोटाले पर बोलते हुए कहा कि कुछ मामलों में अभियोजन की सिफारिश की गई है। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय दूतावास बहुत सक्रिय हैं और ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि उनके मंत्रालय ने विदेशों में फर्जी नौकरियों की पेशकश करने वाली कुछ वेबसाइटों को ब्लॉक करने का अनुरोध किया है और इस तरह के घोटालों में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की भी सिफारिश की है।
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कंबोडिया और म्यांमार से लाए गए 1,664 लोग- जयशंकर
पूरक प्रश्नों के उत्तर में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि सरकार ने कंबोडिया से 1,167 भारतीयों और म्यांमार से 497 अन्य लोगों को वापस स्वदेश ले आई है, जिन्हें नौकरी दिलाने के बहाने वहां ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के ऑनलाइन घोटाले चलाने वाले लोगों की तरफ से लोगों को अवैध रूप से काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।
'भारतीय दूतावास बहुत सक्रिय है, इसकी नियमित समीक्षा हो रही है'
विदेश मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान कहा, भारत में, हमने ऐसी नौकरियों को बढ़ावा देने वाली साइटों को ब्लॉक करने का अनुरोध किया है। हमने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कुछ मामलों में मुकदमा चलाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, खाड़ी और मध्य पूर्व के लिए 'समस्याओं का एक अलग सेट' उठाया गया है, 'जहां हमारे पास' कम भुगतान या भुगतान न करने और भारतीय पेशेवरों और श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार की स्थिति है। इस दौरान जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारतीय दूतावास बहुत सक्रिय हैं और नियमित समीक्षा करते हैं।