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मोदी सरकार 2.0 का एक साल: अमित शाह ने बदली गृह मंत्रालय की चाल, एक साल में भेद डाले इतने लक्ष्य!

Sat, 30 May 2020 03:51 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गृह मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में निवेश बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है...
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Union Home Minister Amit Shah - फोटो : PTI (for Reference)
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विस्तार
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केंद्रीय गृहमंत्री का पदभार संभालने के बाद अमित शाह ने मंत्रालय की चाल बदल दी। पहले ही साल उन्होंने कई लक्ष्य भेद डाले। गृह मंत्रालय की एक वर्ष की उपलब्धियों में टॉप पर जम्मू और कश्मीर और लद्दाख का नाम आता है।

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जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35A का निराकरण कर दिया गया। अमित शाह के मंत्रालय की यह उपलब्धियां मोदी सरकार के प्रमुख कार्यों में शुमार की जाती हैं।

अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बराबर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दर्जा प्रदान किया गया है। भारत के संविधान के सभी प्रावधान, बिना किसी संशोधन या अपवाद के, अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर लागू होते हैं।
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भारत ने 24 अक्टूबर, 2019 को पाकिस्तान के साथ करतारपुर साहिब कॉरिडोर समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी को अधिक शक्तियां एवं अधिकार देकर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पावरफुल बनाया गया है।
 

अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद केंद्र सरकार के कानून अब जम्मू-कश्मीर में लागू होते हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों आदि के सशक्तिकरण के लिए जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में केंद्र सरकार की शिक्षा एवं स्वास्थ्य नीतियां लागू की जा रही हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में निवेश बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

जम्मू और कश्मीर (पुनर्गठन) अधिनियम, 2019 के तहत जम्मू और कश्मीर को विधायिका के साथ केंद्र शासित प्रदेश, जबकि लद्दाख को बिना विधानमंडल के केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है।

इसी अधिनियम के अंतर्गत नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वाले लोगों को दिए गए आरक्षण के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास रहने वाले लोगों को भी सेवाओं और शैक्षिक संस्थानों में तीन फीसदी बढ़ा हुआ आरक्षण मिलेगा।

जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (विकेंद्रीकरण और भर्ती) अधिनियम के तहत सभी स्तरों पर नौकरियों के लिए डोमिसाइल शर्तों की प्रयोज्यता को और अधिक संशोधित किया गया है।

पुनर्वास पैकेज में विस्थापित परिवारों को शामिल करने की मंजूरी 

जम्मू-कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री के विकास पैकेज 2015 के तहत पीओजेके और छंब के विस्थापित परिवारों को पुनर्वास पैकेज के दायरे में लाने की बात कही गई है। जम्मू-कश्मीर के 5,300 विस्थापित व्यक्तियों के परिवारों को इसका फायदा पहुंचेगा।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मियों को 31 अक्टूबर 2019 से 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के फायदे देने की घोषणा पहले ही कर दी गई है। 2019 में 3,42,883 व्यक्ति अमरनाथ यात्रा में शामिल हुए।

इस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई नए प्रावधान शामिल किए गए। 2018 की तुलना में पिछले साल लगभग 20 फीसदी ज्यादा यात्री अमरनाथ पहुंचे थे।

करतारपुर साहिब कॉरिडोर समझौते पर हस्ताक्षर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवंबर 2018 को गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती को दुनियाभर में भव्य तरीके से मनाने का प्रस्ताव पारित किया था। भारत ने 24 अक्टूबर, 2019 को पाकिस्तान के साथ करतारपुर साहिब कॉरिडोर समझौते पर हस्ताक्षर किए।

करतारपुर साहिब कॉरिडोर के माध्यम से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए सालभर की वीजा-मुक्त यात्रा का प्रावधान किया गया। गुरु नानक देव जी के अनुयायियों की यह मांग लंबे समय से चली आ रही थी।

भारतीय सीमा में स्टेट ऑफ आर्ट पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग (पीटीबी) विकसित की गई है। इस पर अनुमानित परियोजना लागत  400 करोड़ रुपये आई है।

प्रतिदिन 5000 से अधिक तीर्थयात्रियों की यात्रा की सुविधा के लिए पीटीबी में 54 इमिग्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं। तीर्थ यात्रियों को सुल्तानपुर लोधी जाने के लिए देशभर से विशेष रेलगाड़ियां चलती हैं।

यहां पर गुरु नानक देवजी ने ज्ञान प्राप्त किया था। इस जगह को भी हेरिटेज टाउन के तौर पर विकसित किया गया है। ट

गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सुविधा प्रदान की गई है।

एनआईए की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत एनआईए की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब यह एजेंसी भारत के बाहर होने वाले आतंकवाद से संबंधित अपराधों की जांच कर सकती है। विस्फोटक पदार्थ, मानव तस्करी, निषिद्ध हथियारों और साइबर आतंकवाद के खिलाफ यह एजेंसी बिना किसी बाधा के जांच करेगी।
  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2019 के तहत केंद्र सरकार ने किसी व्यक्ति को आतंकवादी के रूप में नामित करने का अधिकार जांच एजेंसी को दे दिया है।
  • एनआईए, आतंकवाद के मामलों की जांच के दौरान आरोपियों की संपत्ति को जब्त कर सकती है 
  • उक्त संशोधन के बाद ही मौलाना मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम जैसे लोगों को आतंकवादी घोषित कर उनके खिलाफ मुकदमा शुरू किया गया है।
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायतों पर संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां उचित कार्रवाई करती हैं।
  • नक्सली घटनाओं की संख्या 2009 में 2258 से घटकर 2018 में 833 हो गई हैं
  • 2009 में मौतों की संख्या 1005 से घटकर 2018 में 240 रह गई
  • नक्सली हिंसा से प्रभावित जिले 2010 में 96 थे, जबकि 2018 में इनकी संख्या 60 है 
  • नॉर्थ-ईस्ट को लेकर गृह मंत्रालय खूब सक्रिय रहा
  • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी), असम 31.08.2019 को प्रकाशित किया गया 
  • अवैध प्रवासियों का पता लगाने और निर्वासन के लिए एक व्यवस्था बनाई गई है 
  • भारत सरकार, त्रिपुरा और नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के नेतृत्व में साबिर कुमार देबबर्मा (एनएलएफटी-एसडी) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
  • एनएलएफटी (एसडी) ने हिंसा का रास्ता बंद करने, मुख्यधारा में शामिल होने और भारत के संविधान का पालन करने की बात कही है 
  • 88 कैडरों को अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने के लिए सहमत किया गया 
  • सीएपीएफ कार्मिक की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 वर्ष करना
  • केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु में एकरूपता सुनिश्चित करना
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