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 अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर एकतरफा सामाजिक सक्रियता ठीक नहीं: मधुर भंडारकर 

Wed, 21 Feb 2018 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फिल्म निदेशक मधुर भंडारकर - फोटो : फाइल फोटो
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पद्यमावत फिल्म की रार थमने के बाद फिल्म निदेशक मधुर भंडारकर ने पुरस्कार वापसी गैंग पर निशाना साधा है। संघ की संस्था चित्र भारती के जरिए आयोजित एक आयोजन में भंडारकर ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर एकतरफा सामाजिक सक्रियता उचित नहीं है। 

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अपनी फिल्म इंदू सरकार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब फिल्म का विरोध हो रहा था तो पुरस्कार वापसी गैंग के लोग खामोश थे। तो पद्यमावत फिल्म के विरोध का जिक्र करते हुए भंडारकर ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर एकतरफा सामाजिक सक्रियता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे मानववादी हैं और महिला प्रधान फिल्में बनाने पर उनका जोर रहता है। 

घई ने नए कलाकारों को सिखाए सफलता के गुर
चित्र भारती फिल्म महोत्सव में सुभाष घई ने नए फिल्मकारों के साथ खुली बातचीत कर उन्हें सफलता के गुर सिखाए। घई ने कहा कि हम जीवन में यदि यह सोचें कि सिनेमा के ज्ञाता हो गए हैं तो वह सही नहीं है। सिनेमा की दुनिया में हमें जीवनभर सीखना पड़ता है। 
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भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए घई ने कहा कि पूर्व का ज्ञान पश्चिम के ज्ञान से उन्नत है लेकिन हम पश्चिम के विचार में उलझे रहते हैं। हम लोगों को चाहिए कि हम ऐसा करें कि विश्व सिनेमा हमारे पीछे चले न कि हम उनके पीछे चलें। इस अवसर पर कई अन्य दिग्गजों ने भी फिल्म निर्माणकारों और सिनेमा के छात्रों से अपने अनुभव साझा किए और उन्हें सिनेमा जगत की बारीकियों से भी रूबरू कराया। 

कोई भी रोल छोटा नहीं होता-तिवारी 
फिल्मी क्षेत्र में कदम रख रहे नव युवाओं को नसीहत देते हुए भाजपा नेता एवं गायक मनोज तिवारी ने कहा कि फिल्मों में जाने से पहले एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि कोई भी रोल छोटा नहीं होता और यदि आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि फिल्मों की नहीं है तो आपको ज्यादा से ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। सिनेमा में धैर्य सबसे बड़ी चीज होती है यदि आप निराश हुए तो फिर सफलता से उतने ही दूर हो जाते हैं। 

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