N. K. Premachandran
वह अपनी पार्टी के अकेले सांसद हैं लेकिन फिर भी एनके प्रेमचंद्रन की गिनती लोकसभा में सबसे सक्त्रिस्य सांसदों में होती है। वे लगभग हर बहस में हिस्सा लेते हैं और सबसे ज्यादा सवाल पूछने वालों में उनका शुमार होता है। उनके कई प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के सांसद उन्हें ‘वन मैन आर्मी’ की संज्ञा देते हैं।
प्रेमचंद्रन केरल की कोल्लम सीट से रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) से चुने गए हैं। पिछले साढे चार सालों के दौरान उन्होंने 313 चर्चाओं में हिस्सा लिया है और 454 सवाल पूछे हैं। वे लोकसभा में न केवल सबसे ज्यादा चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं बल्कि बेहतर तर्कों और तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हैं। इसी वजह से उनके विरोधी भी उनका आदर करते हैं।
प्रेमचंद्रन कहते हैं कि दूसरे सांसद अक्सर मुझसे पूछते हैं कि 543 सदस्यों वाली लोकसभा में सबसे छोटी पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद आपको सबसे ज्यादा बोलने का अवसर कैसे मिल जाता है? उनका जवाब होता है लोकसभा संचालन के नियम और प्रक्त्रिस्या की पूरी जानकारी होने से ही वे हर चर्चा में भाग ले पाते हैं। वे कहते हैं, किसी विषय पर स्टैट्यूटरी रिज़ोल्यूशन (वैधानिक प्रस्ताव) पेश करने वाले को 15 मिनट तक बोलने का अवसर मिलता है। मैं इसी तरह के नियमों का लाभ उठाता हूं।
पेशे से दीवानी मामलों के वकील होना प्रेमचंद्रन के लिए एक बड़ा लाभ है। उनका कहना है कि किसी भी बिल को पढ़ते ही मुझे तुरंत समझ आ जाता है कि आम नागरिक इससे कैसे प्रभावित होने वाला है। उसी के अनुसार मैं तथ्य और तर्क जुटाता हूं। इसके लिए मुझे किसी असिस्टेंट के बजाय संसद के पुस्तकालय के रिसर्च और रेफेरेंस (शोध और संदर्भ) विंग से ज्यादा मदद मिलती है।