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Politics: 'सामूहिक ध्यान भटकाने का हथियार है एक देश, एक चुनाव', TMC सांसद ने केंद्र सरकार पर लगाया बड़ा आरोप

Sat, 14 Dec 2024 03:43 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

One Nation, One Election: टीएमसी सांसद नेता डेरेक ओ ब्रायन ने शनिवार को कहा कि एक साथ चुनाव कराने के लिए विधेयक लाने का केंद्र का फैसला बेरोजगारी और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए है। उन्होंने प्रस्तावित कदम को 'सामूहिक ध्यान भटकाने का हथियार' भी बताया है।
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डेरेक ओ ब्रायन,सांसद, टीएमसी - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्र सरकार की तरफ से एक साथ चुनाव कराने के लिए विधेयक लाने के फैसले पर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन की तरफ से निशाना साधा गया है। अपने ब्लॉग पर एक पोस्ट में, राज्यसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता ने दावा किया कि 'एक देश, एक चुनाव (ओएनओई)' प्रस्ताव 'वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए है: बेरोजगारी, महंगाई, संघीय सरकार विरोधी नीतियां, मणिपुर, गिरता रुपया, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद ईंधन की कीमतों में कटौती नहीं की जा रही है और भी बहुत कुछ'।
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सामूहिक ध्यान भटकाने का हथियार- डेरेक ओ ब्रायन
डेरेक ओ ब्रायन ने अपने ब्लॉग में कहा, 'ओएनओई एक और 'सामूहिक ध्यान भटकाने का हथियार' है!' टीएमसी को इस प्रस्ताव पर आपत्ति है और पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उनके सांसद 'संसद में इस कठोर कानून का पुरजोर विरोध करेंगे।' डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि यह विधेयक पिछले साल पारित किए गए महिला आरक्षण विधेयक से काफी मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा, 'यह खबर प्राइम टाइम पर रही, जिसमें मणिपुर संकट से निपटने में सरकार की नाकामी को छुपाया गया।' 

उन्होंने कहा, 'महिला आरक्षण विधेयक जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो सकता है। इसलिए, यह सबसे पहले 2034 में हो सकता है।' डेरेक ओ' ब्रायन ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली ओएनओई पर उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) ने विधान सभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के संविधान और अन्य विधियों में 18 संशोधनों की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संसद में विशेष बहुमत से संविधान संशोधन विधेयक पारित करना होगा - सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत। 
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'आधे राज्यों की तरफ से अनुसमर्थन की होगी जरुरत'
टीएमसी सांसद ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 368(2) के तहत, पंचायतों और नगर पालिकाओं के एक साथ चुनाव कराने के लिए अनुच्छेद 324ए में संशोधन करने के लिए कम से कम आधे राज्यों की तरफ से अनुसमर्थन की आवश्यकता होगी। इसी तरह, एकल मतदाता सूची के लिए अनुच्छेद 325 में संशोधन की आवश्यकता है और इस संशोधन को लागू करने के लिए कम से कम आधे राज्यों की तरफ से अनुसमर्थन की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने पर उच्च स्तरीय समिति में एक भी मुख्यमंत्री या राज्यों का प्रतिनिधि शामिल नहीं था और कहा कि चूंकि एक साथ चुनाव कराने के लिए कोई भी संवैधानिक संशोधन सीधे राज्य विधानसभाओं और सरकारों के कार्यकाल को प्रभावित करेगा, इसलिए केंद्र को अभी भी बहुत सावधानी बरतते हुए कम से कम आधे राज्यों से अनुसमर्थन प्राप्त करना चाहिए।

केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे मेघवाल
टीएमसी नेता ने कहा कि आईडीएफसी संस्थान की तरफ से किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि यदि एक साथ चुनाव होते हैं तो केंद्र और राज्यों में मतदाताओं की तरफ से एक ही पार्टी को वोट देने की 77 प्रतिशत संभावना है। केंद्र ने सोमवार को लोकसभा में पेश करने के लिए "एक राष्ट्र, एक चुनाव" से संबंधित दो विधेयक सूचीबद्ध किए हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल निचले सदन में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे।
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