झारखंड के सिमडेगा में 11 साल की बच्ची की भूख से हुई मौत के बाद धनबाद के रिक्शा चालक के मौत के मामले में भी भूख का कारण ही सामने आ रहा है।
दरअसल धनबाद के रिक्शा चालक की मौत के दो दिन बाद उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत भूख की वजह से हुई जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि वह लंबी बीमारी की वजह से मरा।
रिक्शा चालक बैजनाथ रविदास की मौत झरिया में स्थित उसके ताराबागान घर में शुक्रवार की शाम को हुई थी। शनिवार को उसका अंतिम संस्कार करने के बाद उसकी पत्नी पार्वती देवी ने आरोप लगाया कि उसकी मौत भूख की वजह से हुई क्योंकि उसने दो दिन से कुछ नहीं खाया था।
यहां तक की परिवार के पास दवा खरीदने तक के पैसे नहीं थे। पार्वती ने कहा कि मेरे घर में पिछले दो दिनों से चूल्हा नहीं जला है और भूख से उनकी मौत हो गई।
बैजनाथ के पांच बच्चे 20 वर्षीय रवि, 14 वर्षीय सूरज, 10 वर्षीय नीरज, 16 वर्षीय सुमन और 8 वर्षीय सुलेखा हैं। बैजनाथ की पत्नी लोगों के घरों में काम करती है जबकि उसका बड़ा बेटा रवि अपने नाना के साथ गया में रहता है। तीन अन्य बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं।
भूख से नहीं बीमारी से हुई मौत : प्रशासन
सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने के बाद धनबाद के उपायुक्त ए डोड्डे ने मौके पर पहुंचकर परिवार को 20 हजार रुपये की राशि और 50 किग्रा खाद्य उपलब्ध कराने का वादा किया।
डोड्डे ने कहा कि वह पिछले एक महीने से बिस्तर पर था। उसकी मौत के बाद कराई गई जांच में पाया गया कि उसकी मौत बीमारी से हुई न कि भूख से।
परिवार का कहना है कि बैजनाथ ने अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था हालांकि परिवार के सभी सदस्यों के पास आधार कार्ड है। पड़ोसियों का कहना है कि बैजनाथ को सांस लेने में समस्या थी और वह कई दिनों से बिस्तर पर पड़ा था।
एक स्थानीय डॉक्टर ने उसे दवाएं भी लिख कर दी थीं। वहीं जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने दावा किया कि बैजनाथ के परिवार ने आधिकारिक तौर पर उन्हें सूचना दी थी कि उसकी मौत बीमारी से हुई है। उसके शव को पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जा पाया क्योंकि परिवारवालों में बिना प्रशासन को सूचना दिए उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।