कोरोना महामारी पर मंगलवार को प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन को यूट्यूब पर महज एक लाख लोगों ने सुना। जबकि 24 मार्च को देश के नाम संदेश को प्रधानमंत्री कार्यालय के यूट्यूब चैनल पर 88.9 लाख लोगों ने देखा था।
भाजपा के अपने यूट्यूब चैनल पर भी दर्शकों की संख्या सवा लाख ही है। जबकि पीआईबी के यूट्यूब चैनल पर प्रधानमंत्री के भाषण को अब तक सिर्फ 27,000 लोगों ने देखा। पांच महीने पहले प्रधानमंत्री ने अनलॉक-1 की घोषणा की तो पीएमओ के यूट्यूब चैनल पर उनके भाषण को 59 लाख लोगों ने देखा। 30 जून को संख्या 5.18 लाख रह गई थी।
भाजपा के यूट्यूब चैनल पर मोदी के भाषण को 3700 लोगों ने पसंद किया और 7600 लोगों ने नापसंद। वहीं, पीएमओ के यूट्यूब चैनल पर मोदी के भाषण को 6600 लोगों ने लाइक किया, जबकि 7700 ने डिसलाइक किया। पीआईबी के यूट्यूब चैनल पर 1100 लोगों ने लाइक का बटन दबाया है और 1200 लोगों ने डिसलाइक किया।