वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र के हरिभानपुर गांव में बुधवार को शव दफनाने को लेकर दो समुदायों में बवाल हो गया। हरिभानपुर और गहरपुर गांव के दो समुदायों में जमकर लाठी-डंडे चले और मारपीट हुई, जिसमें काजू (20) की मौके पर मौत हो गई, जबकि मैकू (28), इरशाद (22) और इखलाक (35) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। काजू की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रख कर कपसेठी-बाबतपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर पथराव किया गया।
डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंच कर आरोपियों पर रासुका लगाने और मृतक के परिवारीजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। दोनों गांव में तनाव के मद्देनजर एसपीआरए आशीष तिवारी, तीन सीओ, नौ एसओ और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई है। देर शाम विजय सिंह समेत पांच नामजद गिरफ्तार कर लिए गए।
सभी पर रासुका की भी कार्रवाई होगी। पुलिस ने काजू के चाचा की तहरीर पर कपसेठी थाने में 20 नामजद और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, हत्या, बलवा और सांप्रदायिक उन्माद भड़काने का केस दर्ज किया है। जिला प्रशासन ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। घटना को देखते हुए वाराणसी के अलावा गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर से भी फोर्स बुला ली गई थी।
मालूम हो कि हरिभानपुर गांव में मंगलवार की रात सुलेमान की पत्नी नसीरुन की मौत हो गई थी। बुधवार सुबह करीब दस बजे परिजन शव को गहरपुर गांव में दफनाने पहुंचे थे। कब्र खोदी जा रही थी कि पूर्व प्रधान विजय सिंह मौके पर पहुंचे और जमीन को अपनी बताकर कब्र खोदने से रोकने के साथ ही शव लेकर आने वालों को धमकी देकर लौटा दिया। इस पर दोनों पक्षों में झड़प और तनातनी हो गई।
तब तक मामले की जानकारी अधिकारियों को मिल गई और कपसेठी थानाध्यक्ष के साथ एसडीएम राजातालाब मौके पर पहुंचे। उन्होंने जमीन की पैमाइश कराई और शव को तयशुदा स्थान पर दफनाने का निर्देश दिया। इस पर परिजन नसीरुन का शव लेकर दोबारा कब्रिस्तान पहुंच गए। वे शव दफनाने की तैयारी कर ही रहे थे कि दूसरे पक्ष के लोग फिर वहां पहुंच गए और शव दफनाने से रोकने लगे। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। देखते देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने पूर्वाह्न 11:30 बजे नसीरुन और काजू दोनों के शव को सड़क पर रख कर कपसेठी-बाबतपुर फोरलेन मार्ग जाम कर दिया। थोड़ी ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। मामले को गंभीर होते देख जिलाधिकारी विजय किरन आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि भारी-भरकम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए, जहां उन्हें ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण शांत हुए और जाम खुल गया।
इसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नसीरुन को गहरपुर के कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया। देर शाम काजू के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसको गहरपुर कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बवाल थमने तक डीएम, एसएसपी, एसपीआरए, एडीएम सिटी के अलावा पांच क्षेत्राधिकारी और 14 थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी मौके पर तैनात रही। गंभीर रूप से जख्मी तीनों युवकों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों और शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर रासुका लगाया जाएगा। कपसेठी की घटना के आरोपियों पर रासुका की संस्तुति कर दी गई है।
- विजय किरन आनंद, डीएम