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ट्रिपल तलाक: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को संघ की दो टूक 

Sat, 15 Oct 2016 03:15 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से दी गई चुनौती का संघ ने भी करारा जवाब दिया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को दो टूक सुनाते हुए संघ ने बोर्ड से कहा है कि वह माहौल भड़काने के बजाय मुस्लिम महिलाओं के हित पर ध्यान दे। पर्सनल लॉ बोर्ड पर देश में कट्टरपंथ और सांप्रदायिकता का माहौल गर्माने का आरोप लगाते हुए संघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा है कि बोर्ड को पहले मुस्लिम समाज की महिलाओं से बात करनी चाहिए।
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 इस्लाम मानने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों से उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक के नाम पर हो रहे अत्याचार के मामलों को लेकर मुस्लिम महिलाएं पहले पर्सनल लॉ बोर्ड के पास ही गई थी। मगर तब मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने महिलाओं के हित का ध्यान नहीं रखा। उसके बाद ही इन महिलाओं ने न्यायालय की ओर रूख किया है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार को कुरान में हराम करार दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने के बजाय मुस्लिम महिलाओं की परेशानी से जोड़कर देखना चाहिए। कई मुस्लिम देशों ने महिला हित को ध्यान रखते हुए ट्रिपल पर पाबंदी लगा दी है। 

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को नसीहत देते हुए संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरूओं और मौलानाओं से आह्वान किया है कि ट्रिपल तलाक के मामले पर कट्टरपंथ और सांप्रदायिकता का माहौल पैदा करने के वे बजाय वे ट्रिपल तलाक को खत्म करने का रास्ता सुझाएं। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने के रास्ते पर बहस हो सकती है। मगर इसके जरिए धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं होगी। कुमार ने कहा कि करीब 8 करोड़ मुस्लिम महिलाओं ने तलाक के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने इसे महिला हितों के खिलाफ करार दिया है। उन्होंने बताया 40 से 50 मुस्लिम मौलवियों से उन्होंने इस मामले में बातचीत की है। मगर उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के चुनौती वाले बयान की निंदा की है। संघ का कहना है कि मामला न्यायालय में है, सभी पक्षों ने अपनी राय रखी है। बाहर में गर्मी दिखाना उचित नहीं है। इंद्रेश कुमार ने मुस्लिम नेताओं को पाक की मुस्लिम महिलाओं और भारत की महिलाओं को मिले कानूनी अधिकार को भी समझने की अपील की। 
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