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इमरजेंसी पर 25-26 जून  को कांग्रेस को घेरेगी भाजपा, 29 राज्यों में 29 नेता करेंगे 'हमला'

Sat, 23 Jun 2018 12:53 AM IST
हरेंद्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
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25 जून 1975 को देश में लगे आपातकाल के विरोध में भारतीय जनता पार्टी 25-26 जून को देशभर में जोर-शोर से काला दिवस मनाने की तैयारियां कर रही है। पार्टी ने इस कार्यक्रम को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए मोदी मंत्रिमंडल के 16 मंत्रियों को मैदान में उतारा है। वहीं राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ मंत्रियों को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वहीं जेवीएल नरससिम्हा राव को छोड़ कर सभी राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को उत्तर-पूर्व राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। 

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25 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू किया था, लिहाजा भाजपा ने कांग्रेस को आपातकाल को लेकर प्रभावी ढंग से घेरने की रणनीति बनाई है। भाजपा आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं को लेकर जनता के बीच जाएगी। इसके लिए पार्टी ने पूरा एक्शन प्लान तैयार किया है। भाजपा की योजना है कि देश के सभी 29 राज्यों में आपातकाल के खिलाफ जोरशोर से उतरा जाए। इसके लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की सूची बनाई है, जो आपातकाल से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। 

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह उस दौरान गुजरात में होंगे। 25 जून को वे अहमदाबाद में होने वाले चिंतन शिविर में हिस्सा लेंगे। जबकि शाह 26 जून को  मेंटीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट, 1971 (मीसा) कानून में गिरफ्तार लोगों का 'मीसा वासी' कार्यक्रम के तहत उनका अभिनंदन करेंगे। इस दौरान पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव भी उनके साथ होंगे। 
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पार्टी के अन्य महासचिव अरुण सिंह को झारखंड, पी मुरलीधर राव को गोवा जबकि डॉ अनिल जैन को जम्मू-कश्मीर जाने के लिए कहा गया है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय पश्चिमी बंगाल में काला दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल के 9 सहयोगियों को 9 बड़े राज्यों में जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें पीयूष गोयल को लखनऊ, जेपी नड्डा को देहरादून, अनंत कुमार को तेलंगाना, प्रकाश जावड़ेकर को राजस्थान, स्मृति ईरानी को ओडिसा, निर्मला सीतारमण को महाराष्ट्र, रविशंकर प्रसाद को पटना, धर्मेन्द्र प्रधान को छत्तीसगढ़ और मुख्तार अब्बास नकवी को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को उत्तर-पूर्वी राज्यों में भेजा गया है, जहां पार्टी ज्यादा मजबूत स्थिति में नहीं हैं। संबित पात्रा को अरुणाचल प्रदेश, जेवीएल नरसिम्हा राव को केरल, सुधांशु त्रिवेदी को मणीपुर, मिनाक्षी लेखी को मेघालय, नलिन कोहली को मिजोरम, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के चैयरमैन और राज्यसभा सांसद डॉ. विनय सहस्रबुद्धे को नागालैंड, विजय सोनकर शास्त्री को सिक्कम और पूर्व केन्द्रीय मंत्री और पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन को त्रिपुरा भेजा गया है। 

वहीं दोनों विदेश राज्य मंत्रियों जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह और एमजे अकबर को आंध्रप्रदेश और कर्नाटक की जिम्मेदारी दी है। लेकिन उत्तरपूर्वी मामलों के राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह इस दौरान गुवाहटी में रहेंगे। इसके अलावा सांस्कृतिक मंत्री डॉ महेश शर्मा को चंडीगढ़, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौ़ड़ को वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय पश्चिमी के साथ पश्चिमी बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा शहरी विकास मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी को हिमाचल प्रदेश और के अल्फांसो को तमिलनाडू की जिम्मेदारी दी गई है।
 
सूत्रों कने बताया कि पार्टी ने जो एक्शन प्लान तैयार किया है इसके मुताबिक आपातकाल को लेकर इस चुनावी साल में भाजपा बड़े स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन करेगी। उसके बाद अगले दिन यानी 26 जून को भाजपा देशभर में कांग्रेस के खिलाफ प्रेसवार्ता करेगी, जिसमें 1975 के बाद जन्म लेने वालों को आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों का लोकतंत्र के सेनानियों के नाम से सम्मान भी करेगी।

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