नीतीश के इस्तीफे पर सरगरमियां थमने का नाम नहीं ले रही है। बिहार में सीएम नीतीश कुमार आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव के बीच की खटास साफ तौर पर दिखने लगी है। बिहार में जदयू के अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी की ओर से उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग नहीं की गई है, लेकिन मामले पर फैसला होकर रहेगा।
जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि तेजस्वी पर फैसला होकर रहेगा, वक्त का इतंजार कीजिए। दूसरी ओर आरजेडी ने यह साफ किया है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि उनके साथ 80 विधायक हैं। दरअसल, सीएम नीतीश कुमार की पार्टी ने साफ कर दिया था कि जिनको आरोपी बनाया गया है, उम्मीद करते हैं कि वे तथ्यों के साथ जनता के समक्ष अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
जदयू नेता रमई राम ने कहा था कि किसी भी फैसले के लिए बैठक में नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया गया है। चार दिन बाद जारी गतिरोध को लेकर सबकुछ साफ हो जाएगा। सुशील मोदी ने कहा कि लालू के पास अब केवल एक विकल्प है कि वो तेजस्वी से इस्तीफा दिला कर सरकार बचा लें। उन्होंने कहा कि ये पुलिस की नहीं बल्कि सीबीआई की एफआईआर है और तथ्यों के आधार पर ही सीबीआई एफआईआर दर्ज करती है।
एनडीटीवी ने सूत्रों हवाले से लिखा है कि लालू यादव इस पूरे प्रकरण पर एक नया दांव चल सकते हैं। खबरों के मुताबिक, तेजस्वी ही नहीं बल्कि आरजेडी के 12 अन्य मंत्री भी उनके साथ इस्तीफा दे सकते हैं। हर हाल में लालू यादव, नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ नहीं देना चाहते हैं। इसलिए उनकी रणनीति है कि नीतीश सरकार को आरजेडी बाहर से समर्थन करती रहेगी। इस दांव से लालू जहां अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब हो सकते हैं, वहीं नीतीश कुमार पर भी एक दबाव बना सकते हैं।
वहीं नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से बात की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गोपाल गांधी को विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जाने में सहयोग के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार प्रकट किया।
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