Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी और मनसे के बीच गठबंधन की अटकलों के बीच शिवसेना शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि- उद्धव ठाकरे को पहले ये बताना चाहिए कि उन्होंने राज ठाकरे का विरोध क्यों किया था?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने हाल ही में उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन से सवालों पर सकारात्मक जवाब दिए हैं। वहीं इस सवाल के जवाब में राज ठाकरे ने कहा कि, 'किसी भी बड़ी बात के सामने हमारे विवाद या हमारे झगड़े बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। महाराष्ट्र के अस्तित्व, मराठी लोगों के अस्तित्व के सामने ये झगड़े और विवाद बहुत ही मामूली हैं।
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राज ठाकरे के बयान पर शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया
उनके इस जवाब पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि, 'राज ठाकरे ने कहा है कि अगर दोनों भाइयों के बीच कोई दुश्मनी है, तो मैं अपना अहंकार किनारे रखूंगा और महाराष्ट्र के हित के लिए उसे (शिकायत) दूर करूंगा। जिस पर उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हम भाई हैं और हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है और अगर कोई है, तो मैं उसे दूर करूंगा। लेकिन, आपको महाराष्ट्र और शिवसेना (यूबीटी) के दुश्मन को अपने घर में जगह नहीं देनी चाहिए...अगर आप इस पर सहमत हैं, तो हम जरूर बात करेंगे'
'उद्धव ने राज ठाकरे का विरोध क्यों किया?'
अब इस पूरे मामले पर शिवसेना ने प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। मामले में शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि, 'उद्धव ठाकरे ने धमकी दी थी कि अगर राज ठाकरे को कोई जिम्मेदारी दी गई तो वे घर छोड़ देंगे। उन्होंने राज ठाकरे के मुंबई के शाखाओं में जाने का विरोध किया। उन्होंने राज ठाकरे के लिए काम करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को अलग कर दिया...उन्हें पहले यह जवाब देना चाहिए कि उन्होंने राज ठाकरे का विरोध क्यों किया।'
नेशनल हेराल्ड- भ्रष्टाचार में शामिल व्यक्ति को मिलेगी सजा- शिवसेना
वहीं शिवसेना सांसद ने नेशनल हेराल्ड मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, 'उन्होंने सरकार की तरफ से दिए गए करोड़ों रुपये से जमीन के लिए 50 लाख रुपये का समझौता किया है। उन्होंने गलत किया है। यह भ्रष्टाचार है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को सजा मिलेगी'।
'वक्फ एक्ट किसी भी धर्म विशेष के लिए कोई बाधा नहीं'
इस दौरान नरेश म्हास्के ने वक्फ संशोधन अधिनियम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, 'सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन अधिनियम पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई है...यह विधेयक किसी भी धर्म विशेष के लिए कोई बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता। हम इसे अदालत में साबित करेंगे।'