मंगलवार को भी बाहर निकल आए थे सैकड़ों मजदूर
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गुजरात के सूरत शहर में लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी प्रवासी मजदूर लॉकडाउन का उल्लंघन कर बाहर सड़कों पर निकल आए। पुलिस ने बताया कि खाने की शिकायत को लेकर ये लोग बाहर निकले।
एसीपी डीजे चावडा ने बताया कि करीब 300 प्रवासी मजदूर बुधवार शाम करीब चार बजे पंडोल के वेद रोड पर इकट्ठा हो गए। इनकी शिकायत बहुत ही छोटी सी थी कि उनके लिए जो खाने की व्यवस्था की गई है, वह सही नहीं है।
देश में लॉकडाउन की वजह से यूपी, बिहार और ओडिशा से आए हजारों मजदूर यहां फंसे हुए हैं। ये मजदूर यहां की फैक्टरियों में काम करते हैं। कई एनजीओ की मदद से प्रशासन ने इनके लिए खाने की व्यवस्था की हुई है।
एसीपी चावडा ने बताया, 'मजदूरों के एक समूह की मांग थी कि उनके घरों के पास खाना मुहैया कराया जाए जबकि दूसरा अपने घर के पास यह सेवा चाहता है। इनकी यह भी शिकायत है कि जो खाना उन्हें दिया जा रहा है, उसमें स्वाद नहीं है। अच्छी बात यह है कि पुलिस ने इस मुद्दे को समय पर सुलझा लिया और मजदूरों को वापस भेज दिया।'
इससे पहले मंगलवार को भी सूरत के वारछा क्षेत्र में बहुत से प्रवासी मजदूर बाहर निकल आए थे। उनकी मांग थी कि उन्हें उनके गृह राज्य जाने दिया जाए। सूरत में मंगलवार की शाम दूसरे राज्यों से यहां आए सैकड़ों मजदूर एकत्र हो गए। ये मजदूर उन्हें उनके घर भेजने की मांग कर रहे थे। ये मजदूर शहर के वारछा इलाके में सड़क पर बैठ गए और मांग करने लगे कि उन्हें उनके घर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे पहले महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बांद्रा स्टेशन पर हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों की भीड़ घर जाने के लिए इकट्ठा हो गई थी। यहां वे अपने-अपने घर जाने देने की मांग कर रहे थे।