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पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामला: शशि थरूर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, मानहानि मामले में मांगी राहत

Mon, 09 Sep 2024 07:34 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 अगस्त को थरूर के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी घृणित और निंदनीय हैं।
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शशि थरूर - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दरअसल, थरूर पर इस टिप्पणी को लेकर मानहानि का मुकदमा दर्ज हुआ है। हाल ही में इस मामले में राहत के लिए थरूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, कोर्ट ने उनकी याचिका को ठुकरा दिया था। 
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थरूर की तरफ से पीएम मोदी पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच ने चार बजे तक सुनवाई चलाने की सामान्य परंपरा को तोड़ते हुए शाम छह बजे तक सुनवाई की। बेंच से एक वकील ने अनुरोध किया कि याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की जाए, क्योंकि कांग्रेस नेता को उसी दिन निजी मानहानि शिकायत के संबंध में दिल्ली की एक अदालत में पेश होना पड़ेगा। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, ‘‘आप ईमेल भेजिए। मैं अभी इसकी जांच करूंगा।’’

मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 अगस्त को थरूर के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी घृणित और निंदनीय हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, टिप्पणी से प्रधानमंत्री, सत्तारूढ़ भाजपा के साथ-साथ इसके पदाधिकारियों और सदस्यों की भी मानहानि हुई है।
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भाजपा की तरफ से दर्ज कराई गई थी शिकायत
थरूर के खिलाफ भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने शिकायत दायर की थी। कांग्रेस नेता ने निचली अदालत के 27 अप्रैल, 2019 के आदेश को निरस्त किए जाने का आग्रह किया था, जिसमें उन्हें बब्बर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत के साथ-साथ 2 नवंबर, 2018 की शिकायत में आरोपी के रूप में तलब किया गया था।
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