केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राम मंदिर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा पर संत-साधु से लेकर सहयोगी और आरएसएस तक राम मंदिर बनाने का दबाव डाल रहे हैं। इसके अलावा मंदिर बनाने के लिए विधेयक लाने की मांग उठ चुकी है। हालांकि भाजपा ने इस मामले पर अपना रुख साफ किया हुआ है। उसका कहना है कि वह संवैधानिक तरीके से इस मुद्दे का हल चाहती है। एक बार फिर से भाजपा ने अपनी बात को दोहराया है और कहा है कि वह अपने इस कमिटमेंट को पूरा करेगी।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'देश के लोगों को उम्मीद है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा। एक नागरिक होने के नाते मैं यह कहना चाहता हूं कि यह मामला पिछले 70 सालों से लंबित है। इसे जितनी जल्दी हो सके सुलझा लेना चाहिए। राम मंदिर हमारा कमिटमेंट है। हम इसे जरूर पूरा करेंगे। संवैधानिक तरीके से इस मामले का हल होना चाहिए।'
राम मंदजिर पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव का कहना है कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि वहां इसका निर्माण जल्द शुरू हो यही सभी की इच्छा है। कहा कि राम मंदिर हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा का विषय है। इसका सभी को सम्मान करना चाहिए।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कोर्ट यदि इस मामले को हमें सौंप दे तो 24 घंटे में इसका निपटारा कर देंगे। राम मंदिर पर जनता के सब्र का बांध कभी भी टूट सकता है। उन्होंने कहा कि जनता का राम मंदिर पर धैर्य तेजी से खत्म हो रहा है। अगर सुप्रीम कोर्ट इस विवाद पर जल्द फैसला सुनाने में असमर्थ है तो कोर्ट यह मामला हमें सौंप दे, हम इस मामले को 24 घंटे में सुलझा लेगें।
बता दें कि साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले में यह माना था कि बाबरी ढांचे को हिंदू मंदिर या स्मारक तोड़ने के बाद बनाया गया था। हाईकोर्ट के आदेश में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई थी।