पूरा देश 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाता है, लेकिन अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने राष्ट्रपिता के जन्मदिन को 'धिक्कार दिवस' के रूप में मनाया। दक्षिण पंथी संगठन ने मेरठ के शारदा रोड ऑफिस में रविवार को महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रतिमा का अनावरण किया। महासभा ने इससे पहले दिसंबर 2014 में गोडसे की प्रतिमा का अनावरण करना चाहा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद से हिंदू संगठन लगातार इस कोशिश में लगा रहा।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अशोक शर्मा ने कहा, '2014 में हमने एक समारोह में गोडसे की प्रतिमा का अनावरण करना चाहा, लेकिन पुलिस और कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके चलते जगह को सील कर दिया गया और मामला कोर्ट पहुंच गया। इस बार हमने बहुत सावधानी बरती और गांधी जयंती के दिन प्रतिमा का अनावरण किया। इसके लिए 2 अक्टूबर से बढ़िया दिन नहीं हो सकता। हमारा प्रयास बताता है कि भारतीयों को अब गांधी के पदचिन्हों पर चलने की जरूरत नहीं है और उन्हें गोडसे की पूजा शुरू कर देनी चाहिए।'
महासभा के यूपी प्रेसिडेंट योगेन्द्र वर्मा ने बताया कि गोडसे की प्रतिमा को पत्थर से बनी है और इसकी लंबाई-चौडाई दो फीट है। जयपुर में बनी यह प्रतिमा 50 किलो वजनी है। प्रतिमा का खर्च महासभा के मेरठ ऑफिस ने उठाया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है।