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गांधी जयंती के दिन हिंदू महासभा ने मेरठ में गोडसे की मूर्ति स्थापित की

Mon, 03 Oct 2016 11:46 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Google
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पूरा देश 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाता है, लेकिन अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने राष्ट्रपिता के जन्मदिन को 'धिक्कार दिवस' के रूप में मनाया। दक्षिण पंथी संगठन ने मेरठ के शारदा रोड ऑफिस में रविवार को महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रतिमा का अनावरण किया। महासभा ने इससे पहले दिसंबर 2014 में गोडसे की प्रतिमा का अनावरण करना चाहा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद से हिंदू संगठन लगातार इस कोशिश में लगा रहा। 
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हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अशोक शर्मा ने कहा, '2014 में हमने एक समारोह में गोडसे की प्रतिमा का अनावरण करना चाहा, लेकिन पुलिस और कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके चलते जगह को सील कर दिया गया और मामला कोर्ट पहुंच गया। इस बार हमने बहुत सावधानी बरती और गांधी जयंती के दिन प्रतिमा का अनावरण किया। इसके लिए 2 अक्टूबर से बढ़िया दिन नहीं हो सकता। हमारा प्रयास बताता है कि भारतीयों को अब गांधी के पदचिन्हों पर चलने की जरूरत नहीं है और उन्हें गोडसे की पूजा शुरू कर देनी चाहिए।'

महासभा के यूपी प्रेसिडेंट योगेन्द्र वर्मा ने बताया कि गोडसे की प्रतिमा को पत्थर से बनी है और इसकी लंबाई-चौडाई दो फीट है। जयपुर में बनी यह प्रतिमा 50 किलो वजनी है। प्रतिमा का खर्च महासभा के मेरठ ऑफिस ने उठाया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है।
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पुण्यतिथि को 'अन्याय दिवस' के रूप में मनाया

- फोटो : अमर उजाला फाइल
वर्मा ने कहा कि प्रतिमा का खर्च 45 हजार रुपये पड़ा है। उन्होंने कहा, 'मैंने अपना पैसा लगाया है क्यों कि अच्छे कार्य के लिए किसी और की ओर नहीं देखा जाता।'

उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का संदर्भ देते हुए हिंदू संगठन के सदस्यों ने कहा कि यह अपने आप एक बयान है कि भारत सरकार को गांधी के सिद्धांतों से तौबा कर लेनी चाहिए।

शर्मा ने कहा, 'क्या हम आजकल गांधी के सिद्धांतों का पालन करते हैं? भारतीय सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक मेरे सवाल का जवाब देती है। हम सभी गोडसे के सिद्धांतों का पालन करते हैं और गांधी की पूजा करते हैं। अगर हम गांधी के पदचिन्हों पर चल रहे होते, तो सर्जिकल स्ट्राइक नहीं होती। मैं उड़ी हमले में शहीद सैनिकों के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि भारतीय सेना पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देती रहे।'

हिंदू महासभा के सदस्यों ने कहा, 'हम गांधी जयंती को धिक्कार दिवस के रूप में मना रहे हैं और गांधी के सिंद्धांतों को त्याग चुके हैं। इससे पहले हिंदू महासभा ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को ढोल नगाड़े बजाकर 'अन्याय दिवस' के रूप में मनाया था। 
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