सिंधु जल संधि पर बिलावल भुट्टो के कथित विवादित बयान पर भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने पाकिस्तान और बिलावल भुट्टो को लताड़ लगाई और उन्हें चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आवाम समझदार है। वे अच्छे लोग हैं। हमें उनसे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई तो फिर एक के बाद एक ब्रह्मोस चलेगा। हमने एक बांध बनाने के बारे में भी सोचा है, जहां 140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे। उसके बाद हम बांध खोल देंगे और सुनामी आ जाएगी।' मिथुन ने साफ किया कि मेरे मन में पाकिस्तान के लोगों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। मैंने यह सब बिलावल भुट्टो लिए कहा है।
बिलावल ने क्या जहर उगला?
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने एक बार फिर गीदड़भभकी दी थी। वह धमकी भरे लहजे में यह कहते सुने गए कि अगर भारत सिंधु जल संधि को स्थगित रखना जारी रखता है, अगर भारत सिंधु नदी पर बांध बनाने की कोशिश जारी रखता है तो हम जंग छेड़ देंगे। सिंध सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बिलावल भुट्टो की जुबान फिसल गई थी। उन्होंने सिंधु नदी के पानी को रोकने को पाकिस्तान के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता पर हमला बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंधु नदी पर जल परियोजना पाकिस्तान की जल सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
असीम मुनीर ने भी दिया था कायराना बयान
इससे पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भारत को गीदड़भभकी दी थी। मुनीर ने कहा था कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोकने के लिए बांध बनाया तो हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं है। हम 10 मिसाइल मारकर बांध को उड़ा देंगे। अमेरिका के दौरे पर गए मुनीर ने यह धमकी फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गए डिनर कार्यक्रम में दी थी।
भारत ने लगाई थी फटकार
भारत ने मुनीर के बयानों की निंदा करते हुए उन्हें जमकर लताड़ लगाई थी। सरकार के सूत्रों ने कहा था, 'पता चलता है कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों के मामले में एक गैर-जिम्मेदार देश है। पाकिस्तान में परमाणु हथियारों के गैर-सरकारी तत्वों के हाथों में पड़ने का वास्तविक खतरा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख का बयान एक चलन का हिस्सा है। वह यह है कि जब भी अमेरिका पाकिस्तानी सेना का समर्थन करता है तो वे हमेशा अपना असली रंग दिखाते हैं। यह इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं है। यह उनकी सेना है, जो नियंत्रण करती है। एक सूत्र ने कहा, 'अमेरिका के स्वागत और स्वागत से उत्साहित होकर अगला कदम संभवतः पाकिस्तान में तख्तापलट हो सकता है, ताकि फील्ड मार्शल राष्ट्रपति बन जाएं।'