बाज़ार में नए वैरिएंट से बचाव के उपकरण भी अब लोगों के लिए उपलब्ध होने लगे हैं। कोरोना की पहली लहर में जहां भाप लेने की मशीन के साथ थर्मामीटर जमकर बिके, वहीं दूसरी लहर में शरीर में रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने वाले उत्पादों के अलावा ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर और चुनिंदा दवाओं की मार्केट में मांग इतनी रही कि इनकी कमी तक हो गई। अब कोरोना की तीसरी लहर में इन सामानों की जगह नए सामान ट्रेंड में नजर आ रहे हैं। लोगों का रुझान अब सेल्फ कोरोना टेस्ट किट और कोरोना से लड़ने वाली दवाइयों के प्रति ज़्यादा नज़र आ रहा है।
रोज हजारों की संख्या में बिक रहीं कोरोना जांच किट
मेडिकल स्टोर से खरीदकर घर में खुद ही कोरोना जांच करने वाली इस एंटीजन किट की मांग इन दिनों दिल्ली में सबसे ज़्यादा नज़र आ रही है। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का अनुमान है कि जिस तरह दिल्ली में रोज हजारों केस मिल रहे हैं, उसी तरह लोग रोज करीब 50 हजार तक सेल्फ टेस्ट किट खरीद रहे हैं। इसके अलावा ये भी देखने में आया है कि संक्रमण की पुष्टि करने के बाद ये लोग दवाइयां भी खुद ही खरीद रहे हैं। हालांकि इस पर विशेषज्ञ डाक्टरों का कहना है कि लोग कोरोना संक्रमण को गंभीरता से ले रहे हैं, तभी सेल्फ टेस्ट से ख़ुद की जांच भी कर रहे हैं। लेकिन खुद ही दवा खरीदकर खाना शुरू करना ये उनके लिए घातक हो सकता है।
200 से 300 रुपये मिल रही है जांच किट
दरअसल, देशभर में जब दूसरी लहर ढलान पर थी, तब खुद से कोरोना जांच करने वाली टेस्ट किट बाजार में आ गई थी। लेकिन कोरोना तेजी से कम हुआ था, इसलिए उसे इस वक्त उतनी अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। पिछले 15 दिनों से कोरोना फिर बढ़ रहा है और इस बार वायरस का फैलाव काफी तेज है। यही नहीं, ज्यादातर लोगों में सर्दी और हल्के बुखार जैसे लक्षण हैं, इसलिए कई लोग जांच केंद्रों में पहले न जाकर घर में इसी टेस्ट किट से खुद ही पुष्टि करने लगे हैं। दिल्ली के राजेंद्र नगर क्षेत्र स्थित प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र की दुकानों में कोरोना की सेल्फ टेस्ट किट 250 से 300 रुपये के बीच मिल रही है। जबकि दूसरे मेडिकल स्टोर्स पर इनकी कीमत 200 से 500 रुपये तक है।
इम्युनिटी बूस्टर, काढ़े की बिक्री भी हुई कम
ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक मेडिकल संचालक ने अमर उजाला से कहा कि दूसरी लहर में ज्यादातर मरीजों में ऑक्सीजन की जरूरत वाले लक्षण देखे गए थे। इसलिए लोग घरों में उस वक्त पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जैसे सामान खूब बिके थे। तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी वाले केस बिल्कुल न के बराबर आ रहे हैं, लिहाजा इस तरह के सामान की बिक्री उतनी नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं पहली और दूसरी लहर में ऑक्सीमीटर, भाप की मशीन, इम्युनिटी बूस्टर, तरह-तरह के काढ़े भी खूब बिक रहे थे दुकानदारों के मुताबिक वे अब उतने नहीं बिक रहे हैं।
पैरासिटामोल, विटामिन और कफ सीरप ज्यादा ले रहे हैं लोग
दवा करोबारियों का कहना है कि तीसरी लहर में दवा दुकानों में पैरासिटामोल, विटामिन और कफ सीरप जैसी दवाइयों के लिए भीड़ लग रही है। ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है जो सेल्फ टेस्ट किट से जांच करके मेडिकल स्टोर्स से खुद दवाइयां ले रहे हैं। हालांकि कई दवा कारोबारियों का कहना है कि वे दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के नियमों का पालन करते हुए कोरोना की दवाइयां खरीदने वालों का नाम, पता और नंबर भी लिख रहे हैं। वहीं जो भी ग्राहक सर्दी, बुखार या कोरोना के लक्षण जैसी दवाएं मांगने आ रहे हैं, उन्हें टेस्ट करवाने की सलाह भी दे रहे हैं।