राजस्थान में चल रही राजनीतिक गहमागहमी के बीच अब छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर के नेता भी आमने-सामने आ गए हैं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और यूपीए गठबंधन की सहयोगी पार्टी जेकेएनसी ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के आरोपों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और साथ ही कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजस्थान में सचिन पायलट और कांग्रेस के बीच चल रहे तनाव को जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूख अब्दुल्ला की नजरबंदी से रिहाई मामले से जोड़ दिया था। बघेल ने एक इंटरव्यू में कहा कि हो सकता है सचिन पायलट जो कर रहे हैं, उसके पीछे जम्मू-कश्मीर के नेता उमर अब्दुल्लाह और फारूख अब्दुल्लाह की रिहाई से कुछ लेना-देना हो।
बघेल के इस बयान पर अब उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट में कहा, 'मैं इस तरह के झूठे दुर्भावनापूर्ण और झूठे आरोप से तंग आ गया हूं कि सचिन पायलट जो भी कर रहा है वह किसी न किसी तरह से इस साल की शुरुआत में मेरे या मेरे पिता की रिहाई से जुड़ा था। अब बहुत हो गया है। श्री भूपेश बघेल से मेरे वकील अब बात करेंगे। उमर ने अपने ट्वीट में राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और रणदीप सुरजेवाला को भी टैग किया।
अब्दुल्ला के टैग करने के कुछ ही मिनट बाद बघेल ने अपने विवादास्पद बयान को ज्यादा तवज्जो नहीं दिए जाने की कोशिश की और ट्वीट किया, ‘‘उमर अब्दुल्ला जी, कृपया, लोकतंत्र के त्रासद नाश को मौके वाले क्षण में तब्दील नहीं करें। ‘आरोप’ बस एक पूछा गया सवाल था और हम यह पूछते रहेंगे और देश भी पूछेगा।’
अब्दुल्ला ने गुस्से में तपाक से जवाब दिया, ‘आप मेरे वकीलों को अपना जवाब भेज सकते हैं। यही वो बात है जो कांग्रेस के साथ आजकल गड़बड़ है, आप अपने विरोधियों में अपने मित्रों को नहीं जाने। आप लोग जिस गड़बड़ी में, उसकी यही वजह है। आपका ‘प्रश्न’ मानहानिकारक है और वह प्रतिरोध से नहीं बच सकता।’
एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार के अनुसार बघेल ने कहा, ‘जहां तक सचिन पायटल की बात है, तो वैसे मैं राजस्थान की घटनाओं पर बहुत ज्यादा नजर नहीं रख रहा हूं लेकिन एक बात किसी को जिज्ञासु बनाती है कि क्यों उमर अब्दुल्ला को रिहा किया गया? उनपर और महबूबा मुफ्ती जी पर एक ही कानून की समान धाराएं लगायी गयी थीं, वह तो अब भी हिरासत में हैं जबकि वह (अब्दुल्ला) बाहर है। क्या यह इसलिए है क्योंकि अब्दुल्ला, सचिन पायलट के साले हैं?’
नेकां ने भी बयान जारी कर बघेल की टिप्पणी पर ‘कड़ा ऐतराज’ जताया और कहा कि यह कहना मानहानिकारक है कि अब्दुल्ला की रिहाई का कहीं न कहीं संबंध पायलट की बगावत से है। पार्टी ने बयान में कहा, ‘हमने बघेल के मानहानिकारक बयान का संज्ञान ले लिया है और हम अपने वकीलों से संवाद कर रहे हैं और उपयुक्त कानूनी कार्रवाई करेंगे।’
गौरतलब है कि सचिन पायलट रिश्ते में उमर अब्दुल्ला के बहनोई लगते हैं और इस वक्त सचिन पायलट और कांग्रेस पार्टी के बीच रिश्तों में कड़वाहट आ गई है।