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Om Birla: 'आपको पर्चे फेंकने और तख्तियां लहराने के लिए नहीं भेजा गया', राहुल-गोगोई का नाम लेकर बिफरे ओम बिरला

Mon, 28 Jul 2025 01:18 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लगातार छह दिनों से बाधित हो रही लोकसभा की कार्यवाही से आहत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और एक अन्य कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का नाम लेकर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने कहा कि आप नियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित करते हैं।
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ओम बिरला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद के मानसून सत्र में हंगामे और शोरशराबे का दौर जारी है। आज छठे दिन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच का गतिरोध समाप्त नहीं हुआ। लोकसभा की कार्यवाही बाधित होने पर स्पीकर ओम बिरला नाराज हो गए और उन्होंने कांग्रेस सांसदों का नाम लेकर सदन में योजना बनाकर व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया। बिरला ने राहुल गांधी और असम से निर्वाचित सांसद गौरव गोगोई का नाम लेकर उन्हें टोका। 
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क्या बोले ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के हंगामे पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा, 'मिस्टर गोगोई और आप सब राजनीतिक दलों के लोग आए थे, आपने कहा ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी चाहिए, फिर आप सदन बाधित कर रहे हैं। आखिर सदन आप क्यों नहीं चलने दे रहे? प्रश्नकाल माननीय सदस्यों का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। आखिर देश जानना चाहता है कि आप प्रश्नकाल क्यों स्थगित करना चाहते हैं? क्यों आप प्रश्नकाल के अंदर नियोजित बाधा करना चाहते हैं?'
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लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी से पूछे कड़े सवाल
ओम बिरला ने कहा, 'माननीय प्रतिपक्ष के नेता.. आपके दल के नेताओं को समझाओ, इनको सदन में पर्चे फेंकने के लिए, तख्तियां लाने के लिए नहीं भेजा है.. आप प्रश्नकाल नहीं चलाना चाहते.. जवाब दो। देश जानना चाहता है कि आप प्रश्नकाल क्यों नहीं चलाना चाहते। 10 महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर आज चर्चा होने वाली है।
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उन्होंने कहा कि आज शिक्षा, पर्यावरण, विधि, श्रम जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर चर्चा होनी है। प्रश्नकाल सदस्यों का समय होता है। आखिर क्यों प्रश्नकाल स्थगित करा रहे हो आप? क्यों सदन के अंदर नारेबाजी, तख्तियां, पर्चियां फेंक रहे हो? ये सदन के अंदर मर्यादा है आपकी। देश देखना चाहता है, आप नियोजित तरीके से सदन को बाधित करते हैं संसद की मर्यादाओं को गिराते हैं गरिमा को गिराते हैं आप चर्चा नहीं करना चाहते... प्रश्नकाल में माननीय सदस्यों को बोलने नहीं देते आप। ये तरीका आपका उचित नहीं है... आग्रह कर रहा हूं सदन की मर्यादा बनाकर रखो। सदन सबका है। देश की 140 करोड़ जनता की अभिव्यक्ति की सर्वोच्च संस्था है।'

लोकसभा स्पीकर ने कहा 'आप इसी तरीके का आचरण व्यवहार करना चाहते हैं, ये देश देखेगा कि आपने प्रश्नकाल को नियोजित तरीके से बाधा पहुंचाई, तख्तियां लहराईं, पर्चे फेंके, नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही स्थगित कर दी।'

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