गुजरात राज्य ट्रांसपोर्ट निगम ने बेघर लोगों को पनाह देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत निगम की पुरानी बसें जो 8 लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं, उन्हें शेल्टर होम में परिवर्तित किया जा रहा है।
इन शेल्टर होम्स में जरूरत की हर सुविधा मौजूद रहेगी। ट्रांसपोर्ट निगम ने इसमें बेड से लेकर पानी, बिजली, पंखा और सीसीटीवी कैमरे सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिससे ठंड, गर्मी या बारिश के मौसम में फुटपाथ पर जीवन बिताने वाले लोगों को सहूलियत हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट निगम की एक गैर उपयोगी बस को गरीबों का आशियाना बनाने में करीब 3 लाख रुपये का खर्चा आ रहा है।
राज्य ट्रांसपोर्ट निगम और नगर पालिका ने संयुक्त रूप से भरूच जिले में यह प्रयोग शुरू किया है। हालांकि प्रयोग के तौर पर फिलहाल 2 बसों को ही गरीबों के आश्रय के लिए रखा गया है। एक बस में अधिकतम 10 लोगों के सोने की व्यवस्था की गई है। इनमें महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।