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Oil Import: तेल खरीद पर भारत का बड़ा कदम, अमेरिका के दबाव के बावजूद राष्ट्रीय हित को रखा सबसे ऊपर

Fri, 21 Mar 2025 06:53 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि अमेरिका ने 14 जनवरी को ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित 400 से अधिक रूसी संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में सूचित किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल खरीद पर सरकार राष्ट्रीय हितों व प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय करती है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय तेल खरीद पर भारत का फैसला विभिन्न कारकों पर आधारित है, जिनमें देश का राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर हैं। राज्यसभा में विदेश मंत्रालय से पूछा गया, क्या यह सच है कि अमेरिका ने भारत को रूस से तेल नहीं लेने के लिए कहा है व इसके लिए समय सीमा तय की है। इसके जवाब में विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि अमेरिका ने 14 जनवरी को ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित 400 से अधिक रूसी संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में सूचित किया है।
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मंत्रालय में कीर्ति वर्धन सिंह का जवाब
विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब में बृहस्पतिवार को  बताया कि मंत्रालय को अमेरिका ने 14 जनवरी को ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित 400 से अधिक रूसी संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में सूचित किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय  की ओर से घोषित प्रतिबंध के दायरे में बड़ी तेल कंपनियों व उनकी सहायक कंपनियों को भी लाया गया है। इस दायरे में एलएनजी टर्मिनलों, बीमा कंपनियों, तेल व्यापारियों, तेल जहाजों और तेल क्षेत्र सेवाओं प्रदाताओं को भी रखा गया है।
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इसके साथ ही सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल खरीद पर सरकार राष्ट्रीय हितों व प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय करती है। भारतीय तेल व्यापारियों, तेल क्षेत्र सेवा प्रदाताओं व बीमा कंपनियों को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रावधान के बारे में हितधारकों को संवेदनशील बनाने के लिए कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।
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2022 में लगाया गया था अप्रत्याशित लाभ कर
भारत ने एक जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया और वह उन देशों की सूची में शामिल हो गया जो ऊर्जा कंपनियों के असाधारण लाभ पर कर लगाते हैं। पिछले दो सप्ताह में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े कर दरों की समीक्षा की जाती थी। पिछले साल दिसंबर में 30 महीने बाद इस कर को खत्म कर दिया गया था। पुरी ने कहा कि वैश्विक तेल कंपनियां भारत में निवेश की संभावना तलाश रही हैं। ब्राजील की पेट्रोब्रास अंडमान बेसिन की खोज के लिए ऑयल इंडियाके साथ बातचीत कर रही है।
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