अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों ट्रेनों के ड्राइवरों ने प्रोटोकॉल का पालन किया था। साथ ही उन्होंने दुर्घटना से बचने की पूरी कोशिश की। मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुष्पक एक्सप्रेस के ड्राइवर ने नियम के मुताबिक घटनास्थल पर फ्लैशर लाइट चालू कर दी थी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक एक्सप्रेस के ड्राइवर ने पुष्पक एक्सप्रेस की फ्लैशर लाइट सिग्नल देखकर ब्रेक लगा दिया था। लेकिन ट्रैक के घुमावदार होने की वजह से कर्नाटक एक्सप्रेस की दृश्यता और उसकी ब्रेक लगाने की दूरी प्रभावित हुई।
बता दें कि आधिकारिक रुप से रेलवे की ओर से हादसे में मृतकों की संख्या नहीं बताई गई है मगर विशेष पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रेय कराले ने कहा कि घटनास्थल से 12 शव सिविल अस्पताल भेजे गए हैं जबकि छह से सात लोग घायल हैं। किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं है और उनका करीबी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
मृतकों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के
मृतकों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी। सेंट्रल रेलवे के मुख्य प्रवक्ता स्वनिल निला ने बताया, दुर्घटना मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर महेजी और परधाडे स्टेशनों के बीच हुई है। शाम के करीब 5 बचे पुष्पक एक्सप्रेस को अचानक किसी ने आग की अफवाह के कारण चेन खींचकर रोक दिया। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से नीचे उतरे और इसी दौरान दूसरी पटरी पर बंगलूरू से दिल्ली आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस ने इन यात्रियों को रौंद दिया।
चिंगारी उठने और धुआं फैलने से आग की अफवाह उड़ी
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हमारी शुरुआती जानकारी यह है कि जनरल बोगी में से एक में चिंगारी उठने और धुआं फैलने के बाद अचानक आग की अफवाह फैल गई जबकि अक्सर ऐसा एक्सल के गर्म होने या ब्रेक जाम होने के कारण हो जाता है। इसके कारण यात्रियों में घबराहट फैल गई। उन्होंने चेन खींच कर ट्रेन को रोक दिया और कई यात्री बोगी से नीचे कूद गए। उसी समय बगल की पटरी पर कर्नाटक एक्सप्रेस आ गई।
घटना के बाद वीडियो वायरल
घटना के बाद के एक वीडियो में पटरी पर कुछ शव और कई कटे हुए अंग बिखरे नजर आ रहे हैं। सेंट्रल रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भुसावल से एक दुर्घटना राहत ट्रेन घटनास्थल के लिए भेजी गई और रेलवे घायलों के इलाज के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।
मृतकों के परिजनों के लिए पांच लाख की वित्तीय सहायता का एलान
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने हादसे में घायलों और मृतकों के परिजनों के लिए वित्तीय सहायता का एलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जलगांव जिले में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में मरने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, और राज्य सरकार घायलों का पूरा खर्च भी वहन करेगी। मैं भगवान से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करता हूं।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त करेंगे जलगांव ट्रेन दुर्घटना की जांच
जलगांव ट्रेन दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेंट्रल सर्कल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त इस हादसे की जांच करेंगे। वे उन उन परिस्थितियों की जांच करेंगे, जिनके कारण बुधवार को महाराष्ट्र के जलगांव जिले में कर्नाटक एक्सप्रेस द्वारा पटरियों पर खड़े 12 यात्रियों की मौत हो गई।
सेंट्रल सर्कल के सीआरएस, मनोज अरोड़ा ने बताया कि वे गुरुवार सुबह पचोरा के पास परधाडे और माहेजी रेलवे स्टेशनों के बीच दुर्घटनास्थल पर पहुंचेंगे। हादसे की जांच के लिए प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।