विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की, खासतौर पर संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाए जाने और फरवरी 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के संदर्भ में।
किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
मंत्रालय के अनुसार, चर्चा में रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संस्थागत संवाद तंत्र और लोगों के बीच संपर्क तथा सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने जैसे रणनीतिक क्षेत्र शामिल रहे। दोनों पक्षों ने पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र मं सहयोग, त्रिपक्षीय संवाद, तीसरे देशों में संयुक्त परियोजनाएं और पश्चिम एशिया तथा यूक्रेन की स्थिति जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
इसके साथ ही भारत और फ्रांस ने नवाचार वर्ष, आर्थिक सुरक्षा सहयोग, (एसटीईएम) प्रतिभा आदान-प्रदान और द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने जैसे प्रमुख लक्ष्यों की भी समीक्षा की। दोनों देशों ने यह भी तय किया कि रणनीतिक अंतरिक्ष संवाद के लिए फिर से बैठक होगी, जो इस वर्ष के अंत में आयोजित की जाएगी।
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विक्रम मिस्री, मार्टिन ब्रिएंस
- फोटो : पीटीआई
मिस्री ने फ्रांसीसी विदेश मंत्री से की मुलाकात
इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरट से मुलाकात की और पश्चिम एशिया सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय दूतावास ने बताया कि बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति और अन्य वैश्विक चुनौतियों पर विचार हुआ।
यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति गहराती जा रही है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बॉन से भी मुलाकात की और उच्च स्तरीय वार्ताओं को आगे बढ़ाया।