मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन गैस की कालाबाजारी पर नियंत्रण रखने के लिए एक 24 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी ऑक्सीजन गैस के प्लांट्स में बनने से लेकर अस्पतालों में उपयोग होने तक की स्थिति पर नजर रखेगी।
इसके साथ ही कोरोना इलाज से जुड़ी किसी दवा की कालाबाजारी न हो सके, इसके लिए भी प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस कमेटी का गठन इन खबरों के बाद किया है कि राजधानी में ऑक्सीजन की कमी के बाद भी इनकी कालाबाजारी की जा रही है।
दिल्ली सरकार ने 29 रेमडेसिविर वितरकों की सूची जारी की
रेमडेसिविर, फेविपिरावीर टेबलेट और अन्य जरूरी दवाइयों को बनाने और वितरकों की आधिकारिक सूची लोगों को साझा की जा रही है जिससे लोग सही जगह पर उचित दवाओं की खरीद कर सकें और इनकी कालाबाजारी को रोका जा सके। इनके स्टॉक पर भी नजर रखी जा रही है।
ड्रग कंट्रोल रूम बनाकर और हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों को इनके बारे में जागरूक भी किया जा रहा है जिससे जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो सके। दिल्ली सरकार ने 29 रेमडेसिविर वितरकों की सूची जारी की है, जिनकी निगरानी ड्रग इंस्पेक्टरों द्वारा की जाएगी।
ऑक्सीजन फिलिंग प्लांटों में 9 अधिकारियों को तैनात किया गया है। रेमेडेसिविर, टोसीलिजुमाब इंजेक्शन और फेविपिरावीर टैबलेट सहित कई दवाओं और इंजेक्शनों की बढ़ती मांग के मद्देनजर सीएम केजरीवाल ने अधिक से अधिक संख्या में जिलों के लिए ड्रग कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जिनके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
ड्रग्स कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर-
नियंत्रण कक्ष-1 (कड़कड़डूमा प्रधान कार्यालय)
पूर्व, उत्तर पूर्व, दक्षिण, मध्य, नई दिल्ली और उत्तर जिले के लिए
हेल्पलाइन नंबर- 011-22393705
कंट्रोल रूम 2 (लॉरेंस रोड जोनल ऑफिस)
उत्तर पश्चिम, दक्षिण पश्चिम, वीट जिलों के लिए
हेल्पलाइन नंबर- 9494129281, 9000098558