राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कहा है कि प्रदूषण से लड़ाई के लिए जवाबदेह पदों पर बैठे अधिकारी कानून को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है। एनजीटी ने यह टिप्पणी दमन दीव व दादरा नागर हवेली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पर नाराजगी जताते हुए की।
एनजीटी ने फ्लाई ऐश के उपयोग को लेकर अपने आदेश का पालन नहीं करने के लिए बोर्ड अध्यक्ष को करारी फटकार लगाई और कहा कि अधिकारी कानून की पूरी तरह अवहेलना कर रहे हैं।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की पीठ ने बोर्ड अध्यक्ष व इसके सदस्य सचिव को प्रथम दृष्टया एनजीटी कानून की धारा 26 के तहत दोषी माना और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर पर भारी जुर्माना लगाए जाने की आवश्यकता जताई है। दोनों अधिकारियों को एक महीने के अंदर एक-एक लाख रुपये जुर्माना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जमा कराने का आदेश दिया गया है।