फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फोर्ड फाउंडेशन से प्रतिबंध हटाने के लिए 250 करोड़ का था ऑफर : जोशी

Mon, 16 May 2016 11:36 PM IST
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आनंद जोशी ने सीबीआई के सामने किया सनसनीखेज खुलासा
  • शिकायतकर्ता संयुक्त सचिव बीके प्रसाद से भी होगी पूछताछ
विज्ञापन
आनंद जोशी - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को कथित तौर पर गैर-कानूनी एफसीआरए नोटिस भेजने के मामले में गिरफ्तार गृह मंत्रालय के अवर सचिव आनंद जोशी ने सीबीआई के सामने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जोशी ने सीबीआई की पूछताछ में कहा है कि फोर्ड फाउंडेशन पर प्रतिबंध हटाने के सिलसिले में 200 से 250 करोड़ रुपये के लेन-देन की बात चल रही थी। साथ ही जोशी ने खुद पर लगे आरोपों और उच्च अधिकारियों  के  फैसले पर कई तकनीकी सवाल खड़े किए हैं।
विज्ञापन



सीबीआई इस मामले में जोशी के वरिष्ठ अधिकारी और शिकायतकर्ता अतिरिक्त सचिव बीके प्रसाद से भी पूछताछ करेगी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जोशी के बयान को रिकार्ड पर लिया गया है। इसके सभी पहलुओं की जांच होगी। चार दिन तक रहस्यमयी तरीके से गायब जोशी को सीबीआई ने रविवार शाम को अपने गिरफ्त में ले लिया था। उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक जोशी ने जांच एजेंसी को शुरुआती पूछताछ में बताया है कि अंतरराष्ट्रीय एनजीओ फोर्ड फाउंडेशन की इंडिया चैप्टर की तरफ से प्रतिबंध हटाने के लिए नवंबर-दिसंबर महीने में 200 से 250 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही थी।

लेकिन वह तकनीकी कारणों से इसके विरोध में थे। सूत्रों के मुताबिक जोशी का तबादला 31 दिसंबर को फॉरेनर्स डिविजन से पार्लियामेंट डिविजन में कर दिया गया। इनके तबादले के करीब 15 दिन बाद फोर्ड फाउंडेशन को प्रतिबंध सूची से हटा दिया गया। तकनीकी तौर इस फैसले के बाद फोर्ड को विदेशी धन के लिए गृह मंत्रालय के मंजूरी की जरूरत नहीं थी। 
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

आदेश के बिना 50 एनजीओ को नहीं भेजा जा सकता नोटिस

जांच के घेरे में हैं आनंद जोशी - फोटो : PTI
सूत्रों के मुताबिक जोशी ने कहा है कि सीबीआई फोर्ड फाउंडेशन से प्रतिबंध हटाए जाने की जांच करे। इससे एनजीओ और सरकारी अधिकारियों की सांठगांठ के कई नए मामले सामने आएंगे। गौरतलब है कि जोशी के अधिकारी बीके प्रसाद 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जोशी ने गायब होने से पहले अपनी पत्नी को लिखी चिट्ठी में कहा था कि उन पर फोर्ड फाउंडेशन से प्रतिबंध हटाने के लिए उच्च अधिकारी की ओर से जबरदस्त दबाव था। इस नौकरी में उन्होंने अपने कई दुश्मन बना लिए हैं।

जोशी पर आरोप है कि उन्होंने करीब 50 एनजीओ को गैरकानूनी तरीके से एफसीआरए नोटिस भेजे थे। इसके अलावा गुजरात की स्वयंसेवी कार्यकर्ता तीस्ता सितलवाड़ की संस्था सबरंग ट्रस्ट की फाइलें अपने घर ले गए थे जो उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर था। सूत्रों के मुताबिक इस आरोप के जवाब में जोशी ने कहा कि बिना उच्च अधिकारी के आदेश के वह एक-दो एनजीओ को तो नोटिस भेज सकते हैं लेकिन इतने संस्थानों को नहीं। जोशी ने सीबीआई की ध्यान इस ओर भी खींचा है कि उनका तबादला दिसंबर 2015 में हो गया था। जबकि विभाग से संबरंग ट्रस्ट की फाइलें मार्च 2016 में निकाली गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें